(Source: Matrize | *Exit polls are projections; official results on May 4, 2026)
चाइनीज कंपनियों की खैर नहीं! बैटरी को लेकर सैमसंग ने कर ली बड़ी तैयारी, फोन को नहीं पड़ेगी पावर बैंक की जरूरत
अभी तक केवल चाइनीज कंपनियां सिलिकॉन-कार्बन बैटरी का यूज कर रही है. अब बताया जा रहा है कि सैमसंग भी इस बैटरी को टेस्ट कर रही है और अपकमिंग फोन में इसे शामिल किया जास कता है.

- चीनी कंपनियां 10,000mAh क्षमता की बैटरी वाले फोन ला रही हैं।
- Honor, Realme, Vivo सिलिकॉन-कार्बन बैटरी तकनीक का कर रहे हैं उपयोग।
- Samsung भी इस तकनीक को अपनाने पर कर रही विचार।
- Galaxy S-series में मिल सकती है नई सिलिकॉन-कार्बन बैटरी।
चाइनीज कंपनियां अपने स्मार्टफोन में 10,000mAh तक की बैटरियां देने लगी हैं. ऑनर और रियलमी इतने बड़े बैटरी पैक वाले फोन लॉन्च कर चुकी है और वीवो भी 10,000mAh की बैटरी वाला फोन लाने की तैयारी कर रही है. ये कंपनियां सिलिकॉन-कार्बन बैटरी का यूज करती है, जिससे फोन का साइज बढ़ाए बिना भी ज्यादा कैपेसिटी दी जा सकती है. अब सैमसंग भी इस टेक्नोलॉजी को यूज करने वाली है, जिससे चाइनीज कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.
Galaxy S-series फोन में मिल सकती है सिलिकॉन-कार्बन बैटरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग ने माना है कि उसके चाइनीज कंपीटिटर बैटरी के मामले में आगे निकल रहे हैं और इसे देखते हुए सैमसंग भी इस टेक्नोलॉजी को यूज करने पर विचार कर रही है. माना जा रहा है कि अपकमिंग Galaxy S-series के फोन में सिलिकॉन बैटरी देखने को मिल सकती है. इसका मतलब है कि सैमसंग के फोन में भी ज्यादा कैपेसिटी वाले बैटरी पैक मिलने लगेंगे और यूजर को पावर बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी. लीक के अनुसार, अभी सैमसंग एक फोन में इस टेक्नोलॉजी को टेस्ट कर रही है और अगर सब कुछ सही रहता है तो अगले कुछ समय में इसे अपने नए लॉन्च होने वाली फोन में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, सैमसंग ने अभी इसे लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है.
बैटरी को लेकर सैमसंग के साथ जुड़ी हैं बुरी यादें
सिलिकॉन-कार्बन बैटरी अभी नई हैं और गूगल और ऐप्पल समेत कई बड़ी कंपनियां इससे दूरी बनाए हुए हैं. दरअसल, सैमसंग समेत ये कंपनियां इसे अपनाने से पहले इसके यूज को लेकर पूरी तरह निश्चित हो जाना चाहती है. बैटरी को लेकर सैमसंग के रिकॉर्ड पर एक दाग भी लगा हुआ है. सैमसंग के गैलेक्सी नोट 7 की बैटरी फटने की इतनी घटनाएं हुई थीं कि कंपनी ने तुरंत इसका प्रोडक्शन बंद कर इस मॉडल को रिकॉल कर लिया था. कई एयरलाइन ने इस फोन को बैन कर दिया था. इससे कंपनी को अरबों रुपये का नुकसान हुआ था.
ये भी पढ़ें-
पहले फोल्डेबल आईफोन में यह कमाल करने वाली है ऐप्पल, यह नई जानकारी आई सामने
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























