एक्सप्लोरर
आयुष्मान कार्ड से किन बीमारियों का नहीं होता इलाज? जान लीजिए योजना के नियम
अगर कोई मरीज केवल डॉक्टर को दिखाने गया है और अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है तो उसे ओपीडी इलाज माना जाता है. ऐसे मामलों में दवाई और सामान्य जांच का खर्च आयुष्मान योजना के तहत कवर नहीं होता है.
भारत सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इस योजना के तहत एलिजिबल लाभार्थियों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. खासकर तब जब किसी गंभीर बीमारी में अस्पताल में भर्ती होना पड़े. ऐसे समय में इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाती है, जिससे गरीब परिवारों पर स्वास्थ्य संबंधी खर्चे का बोझ कम होता है. हालांकि आयुष्मान कार्ड बन जाने का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का इलाज मुफ्त हो जाएगा. यह योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होने वाले इलाज पर लागू होती है. वहीं कई ऐसी सेवाएं और उपचार है जो इस स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं. इसलिए हॉस्पिटल जाने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि कौन सा खर्च इस योजना के तहत कवर होगा और कौन सा नहीं.
1/7

अगर कोई मरीज केवल डॉक्टर को दिखाने गया है और अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है तो उसे ओपीडी इलाज माना जाता है. ऐसे मामलों में दवाई और सामान्य जांच का खर्च आयुष्मान योजना के तहत कवर नहीं होता है. इसके लिए मरीज को अपनी जेब से ही खर्च देना होता है.
2/7

इसके अलावा अगर आपने हॉस्पिटल में भर्ती हुए बिना केवल जांच या टेस्ट कराएं है, तो उसका पेमेंट भी खुद करना पड़ सकता है. हालांकि अगर डॉक्टर की सलाह पर हॉस्पिटल में भर्ती होकर इलाज हो रहा है तो उस कंडीशन में टेस्ट का खर्च कवर हो सकता है.
Published at : 03 Mar 2026 10:03 AM (IST)
और देखें
Advertisement
Advertisement



























