US Israel Iran Strike: 'भयंकर हमले बाकी...' ईरान संग क्या करेगा अमेरिका? मार्को रूबियो ने बताया जंग के पीछे क्या है प्लान
US Israel Iran Strike: मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता खत्म करना है, न कि सरकार बदलना.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान पर चल रहे अमेरिकी हमलों का मुख्य मकसद उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना है न कि वहां की सरकार बदलना. उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन ईरान की छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और उसकी नौसेना से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है. खास तौर पर अमेरिकी नौसैनिक जहाजों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है. रुबियो ने कहा कि अभी की कार्रवाई काफी सफल रही है, लेकिन आगे और कड़े हमले किए जाएंगे.
मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका को पहले से अंदेशा था कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो वह अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा. खुफिया जानकारी के अनुसार ईरानी कमांडरों को पहले ही आदेश दे दिए गए थे कि किसी भी हमले की स्थिति में तुरंत जवाब दिया जाए. अगर अमेरिका पहले वार का इंतजार करता तो अमेरिकी सैनिकों की ज्यादा जानें जा सकती थीं. इसी वजह से राष्ट्रपति ने पहले कदम उठाने का फैसला किया. रुबियो ने कहा कि अगर अमेरिका पहले हमला नहीं करता और ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता तो बाद में यह सवाल उठता कि जब खतरे की जानकारी थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
ईरान की मिसाइल ताकत को पूरी तरह नष्ट करना- मार्को रुबियो
मार्को रुबियो ने साफ किया कि इस मिशन का मकसद ईरान की मिसाइल ताकत को पूरी तरह नष्ट करना है ताकि वह दोबारा उसे खड़ा न कर सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि वह मिसाइल कार्यक्रम की आड़ में परमाणु कार्यक्रम आगे न बढ़ा सके. हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा नेतृत्व हो जो कट्टर धार्मिक शासन से अलग हो, लेकिन यह मौजूदा ऑपरेशन का लक्ष्य नहीं है. रुबियो ने चेतावनी दी कि सबसे कड़े हमले अभी बाकी हैं और अगला चरण ईरान के लिए और ज्यादा नुकसानदेह होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक तय किए गए सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. कांग्रेस में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शीर्ष नेताओं को इस ऑपरेशन की जानकारी दी जा रही है. अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद दुनिया ज्यादा सुरक्षित होगी.
कितनी इंटरसेप्टर मिसाइलें बनाता है अमेरिका?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना आने वाले दिनों में और कड़े हमले कर सकती है. उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना के सबसे कड़े प्रहार अभी बाकी हैं. अगला चरण ईरान के लिए और भी ज्यादा सख्त होगा. रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता सीमित है. उनके मुताबिक, अमेरिका हर महीने केवल लगभग 6 से 7 इंटरसेप्टर मिसाइलें बना पाता है. इंटरसेप्टर मिसाइलें वे रक्षा प्रणाली का हिस्सा होती हैं, जिनका उपयोग दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए किया जाता है. इसके मुकाबले उन्होंने दावा किया कि ईरान हर महीने 100 से ज्यादा मिसाइलें और हजारों सुसाइड ड्रोन बनाने की क्षमता रखता है. यह अंतर अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती पैदा करता है, क्योंकि रक्षा मिसाइलों का उत्पादन हमलावर हथियारों की तुलना में धीमा बताया जा रहा है.
Source: IOCL

























