एक्सप्लोरर

क्या आपकी जेब में रखा Smartphone बन रहा घटती जन्मदर की वजह? इस रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

Smartphones: यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है. अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देशों में भी जन्मदर तेजी से नीचे आई है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • दुनिया भर में जन्मदर तेजी से घट रही है, भारत भी शामिल।
  • वैज्ञानिकों ने जन्मदर में गिरावट का स्मार्टफोन से संबंध जोड़ा।
  • हाई-स्पीड इंटरनेट से युवाओं का ऑनलाइन समय बढ़ा।
  • सोशल मीडिया से रिश्तों में दूरी, असुरक्षा बढ़ रही।

Smartphones: दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ लोगों की जिंदगी जीने का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है. कभी बड़े परिवार सामान्य बात माने जाते थे लेकिन अब हालात बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे हैं. भारत समेत दुनिया के कई देशों में जन्मदर लगातार नीचे जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 30 साल पहले भारत में एक महिला औसतन 3.4 बच्चों को जन्म देती थी जबकि अब यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 2.0 तक पहुंच गया है. यह रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से भी कम है यानी आने वाले समय में आबादी स्थिर रखना भी चुनौती बन सकता है.

सिर्फ भारत नहीं पूरी दुनिया में घट रही है जन्मदर

यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है. अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देशों में भी जन्मदर तेजी से नीचे आई है. कई देशों में तो हालात ऐसे हैं कि महिलाओं द्वारा जन्म दिए जाने वाले बच्चों की औसत संख्या 1 के आसपास पहुंच चुकी है. कुछ जगहों पर बड़ी संख्या में लोग बच्चे पैदा ही नहीं कर रहे.

अब तक विशेषज्ञ इसके पीछे बढ़ती महंगाई, महंगे घर, करियर का दबाव, देर से शादी और बदलती सामाजिक सोच जैसी वजहों को जिम्मेदार मानते रहे हैं. लेकिन अब वैज्ञानिक एक नई चीज पर भी ध्यान दे रहे हैं स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म.

स्मार्टफोन ने बदल दिया लोगों का व्यवहार

हाल ही में हुई कई रिसर्च यह संकेत दे रही हैं कि स्मार्टफोन ने इंसानी रिश्तों को गहराई से प्रभावित किया है. अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के शोधकर्ताओं नाथन हडसन और हर्नान मॉस्कोसो-बोएडो ने अमेरिका और ब्रिटेन में 4G इंटरनेट के विस्तार और जन्मदर के बीच संबंध का अध्ययन किया.

रिसर्च में सामने आया कि जिन इलाकों में हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट पहले पहुंचा, वहां जन्मदर में गिरावट भी जल्दी और ज्यादा देखने को मिली. शोधकर्ताओं का मानना है कि स्मार्टफोन आने के बाद युवाओं का समय आमने-सामने मिलने-जुलने के बजाय ऑनलाइन दुनिया में ज्यादा बीतने लगा.

सोशल मीडिया बना रिश्तों के बीच दूरी की वजह?

विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या केवल स्क्रीन टाइम तक सीमित नहीं है. सोशल मीडिया लगातार लोगों को दूसरों की परफेक्ट लाइफ दिखाता रहता है. इससे युवा खुद की जिंदगी, करियर और आर्थिक स्थिति को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगते हैं.

फिनलैंड की जनसंख्या विशेषज्ञ एना रोटकिर्च के अनुसार, ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले युवाओं में रिश्तों से जुड़ी समस्याएं और शारीरिक दूरी भी बढ़ रही ह लंबे समय तक टिकने वाले रिश्ते बनाना पहले की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है.

स्मार्टफोन के बाद युवाओं में तेजी से बदला ट्रेंड

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2007 के बाद, जब स्मार्टफोन और मोबाइल ऐप्स आम लोगों तक पहुंचने लगे तभी से कई देशों में युवाओं और किशोरों की जन्मदर तेजी से गिरनी शुरू हुई. खास बात यह है कि सबसे ज्यादा गिरावट उन्हीं आयु वर्गों में देखी गई जो स्मार्टफोन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.

विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों की पहले से मौजूद चिंताओं जैसे नौकरी, पैसा और भविष्य की असुरक्षा को और बढ़ा देते हैं. इससे कई युवा खुद को माता-पिता बनने के लिए तैयार महसूस नहीं करते.

पहले भी मीडिया का असर सामने आ चुका है

यह पहली बार नहीं है जब किसी तकनीक को जन्मदर में बदलाव से जोड़ा गया हो. पुराने अध्ययनों में पाया गया था कि छोटे परिवार दिखाने वाले टीवी कार्यक्रमों का असर महिलाओं के परिवार नियोजन फैसलों पर पड़ा था. यहां तक कि एक रिसर्च में यह भी सामने आया था कि टीवी देखने वाले दंपत्तियों में शारीरिक संबंधों की आवृत्ति कम हो सकती है.

यह भी पढ़ें: बार-बार WiFi ढूंढने की झंझट खत्म! जानिए क्या है Travel Router जो घूमने वालों के लिए आता है काम

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

एक ऐप से जुड़ेगा परिवार का मोबाइल डेटा, Vi ने शुरू की नई सुविधा
एक ऐप से जुड़ेगा परिवार का मोबाइल डेटा, Vi ने शुरू की नई सुविधा
अच्छी स्मार्टवॉच के लिए कितना बजट होना जरूरी? जान लें
अच्छी स्मार्टवॉच के लिए कितना बजट होना जरूरी? जान लें
सर्दियों में ये वाला रूम हीटर बचाता है सबसे ज्यादा बिजली बिल
सर्दियों में ये वाला रूम हीटर बचाता है सबसे ज्यादा बिजली बिल
अब चश्मे में मिलेगा ChatGPT? Nothing बना रहा है AI Smart Glasses!
अब चश्मे में मिलेगा ChatGPT? Nothing बना रहा है AI Smart Glasses!

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'अपराध कैसे...', अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर भड़की CJP, पुलिस पर लगाया ये आरोप
'अपराध कैसे...', अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर भड़की CJP, पुलिस पर लगाया ये आरोप
राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 8 लोगों की मौत
राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 8 लोगों की मौत
'स्वस्थ जीवन की कामना', PM मोदी ने CM भगवंत मान को किया बर्थडे विश
'स्वस्थ जीवन की कामना', PM मोदी ने CM भगवंत मान को किया बर्थडे विश
चार टी20 में लुटाए 879 रन, फिर भी गेंदबाजों को फुल सपोर्ट, भारतीय कोच का बड़ा बयान
चार टी20 में लुटाए 879 रन, फिर भी गेंदबाजों को फुल सपोर्ट, भारतीय कोच का बड़ा बयान
4 हजार करोड़ से ज्यादा कमाने वाली ये हॉरर फिल्म अब OTT पर फैलाएगी दशहत, जानें- कब और कहां देखें?
4 हजार करोड़ से ज्यादा कमाने वाली ये फिल्म अब ओटीटी पर होगी रिलीज, जानें- कब और कहां देखें?
ट्रंप ने सिर्फ 5 दिन में नई प्रेस सेक्रेटरी को पद से हटाया? सामने आई वजह
ट्रंप ने सिर्फ 5 दिन में नई प्रेस सेक्रेटरी को पद से हटाया? सामने आई वजह
Water Tank Cleaning: टंकी साफ करने के बाद भी पानी से आती है बदबू? जानें असली वजह
टंकी साफ करने के बाद भी पानी से आती है बदबू? जानें असली वजह
सोयाबीन किसानों को राहत, भावांतर योजना में रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी
सोयाबीन किसानों को राहत, भावांतर योजना में रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी
Embed widget