एआई से वीडियो बनाकर इस इंडियन यूट्यूब चैनल ने एक साल में कमाए 38 करोड़ रुपये, दुनिया रह गई दंग
इंडियन यूट्यूब चैनल बंदर अपना दोस्त ने एआई वीडियो की मदद से एक साल में 38 करोड़ रुपये कमाए हैं. इस यूट्यूब चैनल के दो बिलियन से ज्यादा व्यूज हैं.

सिर्फ एआई से बने कंटेट के सहारे एक इंडियन यूट्यूब चैनल ने एक साल में 38 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है. एआई जनरेटेड कंटेट डालने वाले यूट्यूब चैनल पर की गई एक ग्लोबल स्टडी में सामने आया कि इंडियन चैनल 'बंदर अपना दोस्त' दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखा गया. वीडियो एडिटिंग प्लेटफॉर्म कैपविंग ने अपनी इस स्टडी में एआई से बने वीडियो का स्केल और इम्पैक्ट देखने के लिए दुनिया के 15,000 से सबसे पॉपुलर यूट्यूब चैनल का एनालाइज किया था, जिसमें 'बंदर अपना दोस्त' सबसे बड़ा चैनल निकलकर सामने आया.
इंडियन चैनल सबसे आगे
कैपविंग की स्टडी के मुताबिक, इस चैनल पर 2.07 बिलियन व्यूज आ चुके हैं और इसके 2.76 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. अगर कमाई की बात करें तो यह चैनल हर सालाना लगभग 38 करोड़ रुपये कमा रहा है. यह चैनल बंदरों के कैरेक्टर के साथ शॉर्ट वीडियो क्लिप अपलोड करता है. इस चैनल की कामयाबी दिखाती है कि कैसे कम लागत में पूरी तरह एआई से बने वीडियो भी पूरी दुनिया तक पहुंच सकते हैं.
रिकमंडेशन में भी एआई वीडियो आगे
अगर रिकमंडेशन की बात करें तो यूट्यूब भी एआई से बने वीडियो को खूब रिकमंड करती है. स्टडी के अनुसार, नए यूजर को रिकमंड किए जाने वाले वीडियो में से 20 प्रतिशत एआई स्लोप कैटेगरी में आते हैं. एआई स्लोप उन वीडियोज को कहा जाता है, जो पूरी तरह एआई से तैयार किए जाते हैं और इनमें इंसानी क्रिएटिविटी नहीं या न के बराबर होती है. शॉर्ट्स के मामले में तो एआई वीडियो का दबदबा और भी मजबूत है. किसी नए यूजर को दिखाए जाने वाले पहले 500 शॉर्ट्स में 33 प्रतिशत एआई स्लोप वीडियोज होते हैं. इससे पता चलता है कि यूट्यूब का एल्गोरिद्म ऐसे कंटेट को फेवर कर रहा है, जिसे लोग लगातार देखते रहें, भले ही उसकी क्वालिटी दमदार न हो.
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Source: IOCL






















