क्या राज्यसभा सांसद की सैलरी के साथ नीतीश कुमार को सीएम की पेंशन भी मिलेगी? जानें नियम
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद उनके वेतन और पेंशन को लेकर चर्चाएं गर्म हैं. आइए जानें कि क्या नियम के अनुसार वे सीएम की पेंशन और सांसद का वेतन दोनों एक साथ पा सकते हैं.

बिहार की राजनीति में दशकों तक सत्ता का केंद्र रहे नीतीश कुमार अब एक नई भूमिका में नजर आने वाले हैं. मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उन्होंने राज्यसभा जाने के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. पिछले दो दशकों से राज्यसभा जाने की इच्छा रखने वाले नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि वह नई सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे.
लेकिन इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बीच प्रशासनिक गलियारों में एक तकनीकी सवाल तैर रहा है कि क्या नीतीश कुमार को राज्यसभा सांसद के वेतन के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिलने वाली पेंशन भी मिलती रहेगी? आइए जानें नियम क्या कहता है.
वेतन और पेंशन के दोहरे लाभ का गणित
नीतीश कुमार का राज्यसभा सदस्य के रूप में नामांकन बिहार की राजनीति में एक युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत है. नियम बताते हैं कि एक पूर्व मुख्यमंत्री जब सांसद बनता है, तो वह केंद्र सरकार से मिलने वाले वेतन और राज्य सरकार से मिलने वाली पेंशन का दोहरा लाभ लेने का हकदार होता है. भारत में मौजूदा संसदीय नियमों और आरटीआई से प्राप्त जानकारियों के अनुसार, पूर्व विधायकों या पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए ऐसी कोई कानूनी बंदिश नहीं है जो उन्हें एक साथ दो अलग-अलग निकायों (राज्य और केंद्र) से वित्तीय लाभ लेने से रोकती हो.
क्या कहता है नियम?
प्रशासनिक नियमों के मुताबिक, पूर्व सांसद या पूर्व विधायक को मिलने वाली पेंशन उनके पूर्व के कार्यकाल की सेवा के बदले दी जाती है. वहीं, राज्यसभा सांसद के रूप में मिलने वाला वेतन उनके वर्तमान पद और जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए होता है. चूंकि मुख्यमंत्री की पेंशन राज्य सरकार के खजाने से दी जाती है और सांसद का वेतन केंद्र सरकार (संसद) द्वारा वहन किया जाता है, इसलिए ये दोनों प्रणालियां अलग-अलग काम करती हैं.
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वर्तमान में ऐसा कोई एकीकृत डेटाबेस नहीं है जो राज्य और केंद्र के लाभों को आपस में जोड़कर कटौती की बात करता हो. अतः नीतीश कुमार को अपनी सीएम पेंशन और सांसद का वेतन, दोनों एक साथ मिल सकेंगे.
सांसद का वेतन और भत्ते
मार्च 2025 के आंकड़ों की मानें तो एक संसद सदस्य (MP) के वेतन में हाल ही में वृद्धि की गई है. अब एक सांसद को प्रतिमाह लगभग 1.24 लाख रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं. इसके अलावा, उन्हें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय भत्ता और सदन की बैठकों में शामिल होने के लिए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है.
सांसद के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, वे सेवानिवृत्ति पर केंद्र सरकार से अलग से 31,000 रुपये प्रति माह की पेंशन के भी पात्र होंगे. यह पेंशन उनकी मुख्यमंत्री वाली पेंशन के अतिरिक्त होगी.
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Source: IOCL




























