AI बता रहा है कौन-सी नौकरी Safe है लेकिन क्या सच में ऐसा है? Career चुनने से पहले जान लें ये चौंकाने वाला सच
Artificial Intelligence: स्टडी में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि AI मॉडल्स के जवाबों में बड़ा अंतर देखने को मिला.

- AI का उपयोग करने वाले व्यवसायों को अधिक ऑटोमेटेड माना जाता है.
Artificial Intelligence: आजकल लोग नौकरी, करियर और भविष्य से जुड़े फैसलों के लिए तेजी से AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं. कई लोग OpenAI के ChatGPT, Google के Gemini और Claude जैसे AI चैटबॉट्स से पूछते हैं कि आने वाले समय में कौन-सी नौकरियां सुरक्षित रहेंगी और किन पर AI का खतरा सबसे ज्यादा होगा. लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इन जवाबों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिसर्च में क्या सामने आया?
Northwestern University और American University के शोधकर्ताओं द्वारा की गई स्टडी में पाया गया कि अलग-अलग AI मॉडल एक ही सवाल पर अलग-अलग जवाब दे रहे हैं. यानी अगर आप पूछें कि कौन-सी नौकरी AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होगी तो हर AI का जवाब अलग हो सकता है. यह रिसर्च National Bureau of Economic Research की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई. इसमें शोधकर्ताओं ने देखा कि AI सिस्टम कई पेशों को लेकर एकमत नहीं हैं.
कैसे तय होता है कौन-सी नौकरी खतरे में है?
अर्थशास्त्री और रिसर्चर Exposure Score नाम की एक प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं. इसका मतलब यह समझना होता है कि किसी नौकरी के कितने काम AI आसानी से कर सकता है. उदाहरण के लिए, एक बेकर का काम आटा तैयार करना और ओवन संभालना होता है जबकि फाइनेंशियल एनालिस्ट कंपनी के आंकड़ों और बाजार की स्थिति का अध्ययन करता है. रिसर्च में यह आंका गया कि AI इन कामों को कितनी हद तक तेज या ऑटोमेट कर सकता है. जिस नौकरी के ज्यादा काम AI कर सकता है उसे ज्यादा AI Exposure वाली नौकरी माना जाता है.
अलग-अलग AI ने दिए अलग जवाब
स्टडी में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि AI मॉडल्स के जवाबों में बड़ा अंतर देखने को मिला. उदाहरण के तौर पर Claude ने अकाउंटेंट की नौकरी को AI से काफी ज्यादा खतरे में बताया जबकि Gemini ने उसी पेशे को अपेक्षाकृत कम प्रभावित माना. हालांकि ChatGPT और Gemini के जवाब कई मामलों में मिलते-जुलते थे लेकिन लगभग हर चार में से एक मामले में दोनों की राय अलग थी.
ऐसा क्यों हो रहा है?
शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका कारण AI मॉडल्स की ट्रेनिंग और उन्हें मिलने वाला डेटा है. हर AI अलग-अलग जानकारी और पैटर्न पर प्रशिक्षित होता है इसलिए उनकी भविष्यवाणियां भी अलग हो सकती हैं. यानी AI हमेशा कोई अंतिम और पूरी तरह सही जवाब नहीं देता. कई बार उसका निष्कर्ष उसके ट्रेनिंग डेटा पर निर्भर करता है.
AI इस्तेमाल करने वाले प्रोफेशन ज्यादा Risky दिख सकते हैं
रिसर्च में एक और दिलचस्प बात सामने आई. जिन प्रोफेशन में लोग पहले से AI टूल्स का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं वे नौकरियां AI के लिए ज्यादा उपयुक्त दिखाई देने लगती हैं. इसका कारण यह है कि उन क्षेत्रों से ज्यादा AI-संबंधित डेटा बनता है जिससे AI मॉडल यह मान सकते हैं कि यह काम आसानी से ऑटोमेट हो सकता है. इससे वास्तविक खतरे की तस्वीर बदल सकती है.
क्या सच में AI नौकरियां खत्म कर देगा?
AI को लेकर यह बहस लगातार जारी है कि वह इंसानों की नौकरियां छीन लेगा या केवल काम करने का तरीका बदलेगा. कई उद्योग तेजी से AI अपना रहे हैं, लेकिन यह नई रिसर्च दिखाती है कि खुद AI सिस्टम भी इस सवाल पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं.
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Source: IOCL


























