एक्सप्लोरर

Cloud Burst in Dharali: आज धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा का एक साल पूरा, कितनी बदली तस्वीर?

Uttarkashi News: धराली आपदा के 1 साल बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के जरिए सरकार, प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित क्षेत्र धीरे-धीरे फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है.

उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई भीषण आपदा को आज एक वर्ष पूरा हो गया. 5 अगस्त 2025 को आई त्रासदी ने कुछ ही मिनटों में भागीरथी घाटी का भूगोल बदल दिया था. घर, होटल, दुकानें, सेब के बाग, सड़कें और लोगों की वर्षों की मेहनत मलबे में दब गई थी. लेकिन, एक साल बाद तस्वीर बदल रही है. राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के जरिए सरकार, प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित क्षेत्र धीरे-धीरे फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है.

कुछ ही मिनटों में बदल गई थी धराली की तस्वीर

दरअसल, आज से ठीक एक साल पहले आज के ही दिन 5 अगस्त 2025 को लगातार हो रही बारिश के बीच धराली, हर्षिल और भागीरथी घाटी में अचानक भारी मलबा, चट्टानें और तेज बहाव आया. देखते ही देखते होटल, दुकानें, मकान, खेत, सेब के बाग और सड़कें इसकी चपेट में आ गईं. गंगोत्री हाईवे कई स्थानों पर बाधित हो गया और चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई.

पीलीभीत में इलाज के दौरान महिला की मौत, 2 डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

शुरुआती दौर में इसे बादल फटने की घटना माना गया, लेकिन बाद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सैटेलाइट अध्ययन में सामने आया कि आपदा का प्रमुख कारण श्रीकंठा ग्लेशियर के नीचे मौजूद एक बड़े आइस पैच का अचानक ध्वस्त होना था. इससे भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे आया, जिसने धराली और आसपास के इलाकों में व्यापक तबाही मचाई.

चारधाम यात्रा पर भी पड़ा असर

धराली गंगोत्री धाम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है. आपदा के बाद हजारों यात्री रास्ते में फंस गए. प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और मौसम सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से यात्रा दोबारा शुरू कराई. यह राहत अभियान राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहा.

एक साल में 33 करोड़ रुपये से अधिक के राहत और विकास कार्य

आपदा के बाद सरकार ने केवल राहत अभियान तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास को भी समान प्राथमिकता दी. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में प्रभावित क्षेत्र में 33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों पर खर्च की गई.

इनमें 16 करोड़ रुपये से अधिक सड़क, पुल, पेयजल, बिजली, सिंचाई और अन्य आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण तथा विकास कार्यों पर खर्च किए गए, जबकि 17 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता सीधे प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई गई, ताकि वे दोबारा अपने जीवन और आजीविका को पटरी पर ला सकें. सिर्फ सड़कें नहीं, आजीविका को भी फिर से खड़ा किया गया.

बागों के पुनर्जीवन का कराया गया कार्य

सरकार ने पुनर्वास को केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रखा गया. बल्कि, प्रभावित किसानों को फसल और नए पौधे उपलब्ध कराए गए, ताकि सेब की बागवानी दोबारा शुरू हो सके. जिन बागानों को भारी नुकसान हुआ था, वहां नए पौधरोपण और बागों के पुनर्जीवन का कार्य कराया गया.

इसके साथ ही ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए भेड़-बकरी पालन को प्रोत्साहित किया गया, जिससे प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त आजीविका का विकल्प मिल सके. भागीरथी घाटी की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए पर्यटन गतिविधियों को भी चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया गया.

भविष्य की आपदाओं से बचाव पर भी फोकस

राज्य सरकार का कहना है कि इस बार केवल नुकसान की भरपाई नहीं की गई, बल्कि भविष्य के जोखिम को कम करने के लिए भी कई स्थायी कदम उठाए गए. क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ नदी किनारों पर सुरक्षा कार्य किए गए. संवेदनशील नालों के किनारे सुरक्षा दीवारें, तटबंध और सुरक्षात्मक ढांचे बनाए गए, ताकि भविष्य में मलबे और तेज बहाव से आबादी वाले क्षेत्रों को कम नुकसान पहुंचे.

स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका

इसके अलावा बिजली, पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया गया, जिससे गांवों में सामान्य जीवन तेजी से लौट सके. आपदा के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं ने राहत कार्यों में प्रशासन का पूरा सहयोग किया. कई लोगों ने अपने घर यात्रियों और प्रभावित परिवारों के लिए खोल दिए. युवाओं ने राहत सामग्री पहुंचाने, भोजन वितरण और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. धराली की सबसे बड़ी ताकत यही रही कि संकट की घड़ी में पूरा समाज एक साथ खड़ा नजर आया.

धराली ने उत्तराखंड को क्या सिखाया?

विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के कारण अतिवृष्टि, ग्लेशियरों में बदलाव और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर विकास कार्य, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम और मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है. धराली आपदा ने यह भी साबित किया कि त्वरित निर्णय, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और स्थानीय लोगों की भागीदारी से बड़े से बड़े संकट का भी प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है.

एक साल बाद उम्मीद की नई तस्वीर

एक वर्ष पहले जहां मलबा, सन्नाटा और बिखरे सपने दिखाई दे रहे थे, वहीं आज धराली में धीरे-धीरे जिंदगी लौट रही है. सड़कें फिर खुल रही हैं, सेब के बागों में नई पौध तैयार हो रही है, पर्यटन गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं और प्रभावित परिवार नए सिरे से अपने जीवन को संवारने में जुटे हैं. चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन पिछले एक साल में राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों ने यह भरोसा जरूर दिलाया है कि उत्तरकाशी ने त्रासदी से सबक लेते हुए भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं.

राहुल गांधी से मिलने लाखों की संख्या में प्रयागराज आएंगे छात्र, अजय राय ने दी जानकारी

अतुल चौहान को पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 35 वर्षों का अनुभव है. एबीपी न्यूज़ के साथ 17 सालों से जुड़े हैं और उत्तराखंड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले एएनआई समेत अन्य बड़े संस्थानों से जुड़े रहे हैं.   वे कुमाऊं रीजन, उत्तराखंड के ब्यूरो चीफ रहे और क्षेत्रीय पत्रकारिता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतुल चौहान ने तीन दशक से अधिक के पत्रकारिता जीवन में राजनीति, प्रशासन, आपदा, विकास, सामाजिक सरोकार, चुनाव, अपराध और जनहित के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की है. मेल आईडी- atul.media@gmail.com

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बारिश का अलर्ट, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बारिश का अलर्ट, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
Cloud Burst in Dharali: आज धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा का एक साल पूरा, कितनी बदली तस्वीर?
आज धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा का एक साल पूरा, कितनी बदली तस्वीर?
यूपी चुनाव 2027 के लिए अखिलेश यादव की बड़ी रणनीति! अब घर-घर जाकर होगा यह काम
यूपी चुनाव 2027 के लिए अखिलेश यादव की बड़ी रणनीति! अब घर-घर जाकर होगा यह काम
'A फॉर एप्पल नहीं अमरूद पढ़िए, तभी होगा देश का विकास', अनिरुद्धाचार्य का नया 'ज्ञान'
'A फॉर एप्पल नहीं अमरूद पढ़िए, तभी होगा देश का विकास', अनिरुद्धाचार्य का नया 'ज्ञान'
Advertisement

वीडियोज

Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Bollywood News: सोहेल को सपोर्ट करने पहुंचे सलमान खान, जेल के दिनों और 16 किलो वेट लॉस पर किया खुलासा (04.08.26)
Bigg Boss 20 में क्या है Salman Khan का Karan Arjun Secret? Promo ने बढ़ाई उत्सुकता
Salman Khan का Emotional खुलासा, Sohail Khan Divorce और Jail Days पर पहली बार करी चर्चा
Lock Upp 2 में Harshad Chopda ने Shivangi Joshi के लिए किया बड़ा Sacrifice, फैंस हुए इमोशनल
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'मां जख्मी, बहन गिरी, लगा सब मर जाएंगे', इटैलियन महिला ने सुनाई टर्बुलेंस की हॉरर स्टोरी
'मां जख्मी, बहन गिरी, लगा सब मर जाएंगे', इटैलियन महिला ने सुनाई टर्बुलेंस की हॉरर स्टोरी
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला
'किसी भी कीमत पर हो डील', ईरान से समझौते के लिए क्यों बेताब हैं ट्रंप?
'किसी भी कीमत पर हो डील', ईरान से समझौते के लिए क्यों बेताब हैं ट्रंप?
छक्के ही छक्के, सनराइजर्स ने बना दिया इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर
छक्के ही छक्के, सनराइजर्स ने बना दिया इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर
'अपना इमोशनल साइड नहीं दिखाना चाहता था', 'लॉक अप 2' से एविक्शन के बाद बोले हर्षद चोपड़ा
'इमोशनल साइड नहीं दिखाना चाहता था', 'लॉक अप 2' से एविक्शन के बाद बोले हर्षद चोपड़ा
'A फॉर एप्पल नहीं अमरूद पढ़िए, तभी होगा देश का विकास', अनिरुद्धाचार्य का नया 'ज्ञान'
'A फॉर एप्पल नहीं अमरूद पढ़िए, तभी होगा देश का विकास', अनिरुद्धाचार्य का नया 'ज्ञान'
लाल सागर में कैसे डूबा भारतीय जहाज? सभी 13 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, जानें अपडेट
लाल सागर में कैसे डूबा भारतीय जहाज? सभी 13 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, जानें अपडेट
Biryani Cooking Tips: हैदराबादी या मुरादाबादी... कौन सी बिरयानी में दम? घर पर खुद बनाकर देखो
हैदराबादी या मुरादाबादी... कौन सी बिरयानी में दम? घर पर खुद बनाकर देखो
Embed widget