अब पहाड़ की कहानियां OTT पर, उत्तराखंड की गढ़वाली फिल्म 'बिरणी आंखी' Videos Alarm पर हुई रिलीज
Uttarakhand News: उत्तराखंड के पहले ओटीटी वीडियोज अलार्म पर गढ़वाली फिल्म बिरणी आंखी जो पहाड़ की जिंदगी, रिश्तों की गहराई और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त तरीके से प्रस्तुत करती है, वे आज रिलीज हो रही है.

उत्तराखंड के पहले ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर गढ़वाली फिल्म 'बिरणी आंखी' आज रिलीज हुई है. इसी के साथ उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने की कोशिश में आज एक नया अध्याय जुड़ गया हैं. बिरणी आंखी, गढ़वाली फिल्म का पोस्टर, टिसर सॉन्ग कोटद्वार 03 जनवरी को रिलीज हुआ था और आज ये फिल्म हम सबके बीच दस्तक दे चुकी हैं.
इस फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी हैं, वहीं मुख्य कलाकारों में कोटद्वार के सूरज कोटनाला, शिवानी भट्ट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अभिनय से सबको आकर्षित कर गहरी छाप छोड़ी हैं. फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी ने 'बिरणी आंखी' फिल्म में अपने अनुभव और कौशल से एक ऐसी कहानी परदे पर उखेरी हैं जो दिल को छू लेने वाली हैं, साथ ही फिल्म में मुख्य कलाकारों सूरज कोटनाला, शिवानी भट्ट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अपने किरदार को एक जोरदार तरीके से पेश किया हैं जो की फिल्म में दिखाई दे रहा हैं.
पहाड़ की जिंदगी, रिश्तों की गहराई की कहानी- बिरणी आंखी
इस फिल्म की शूटिंग कोटद्वार के निकट के क्षेत्रों के साथ ही दुगड्डा, लैंसडाउन, आमसौड, फतेहपुर और दिल्ली में की गई है. यह फिल्म 'बिरणी आंखी' पहाड़ की जिंदगी, रिश्तों की गहराई और मानवीय संवेदनाओं को बेहद सशक्त तरीके से प्रस्तुत करती है. कहानी आम पहाड़ी लोगों के संघर्ष, प्रेम और आत्मसम्मान को दर्शाती है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सक्षम है. फिल्म 'बिरणी आंखी' अब 'वीडियोज अलार्म' ऐप और पर उपलब्ध है, जिसे दर्शक कभी भी और कहीं भी देख सकते हैं. फिल्म से जुड़े कलाकारों और टीम को उम्मीद है कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उत्तराखंडी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.
18 देशों में देखा जा रहा है वीडियोज अलार्म
इस फिल्म की सबसे खास बात ये है की यह फिल्म सिनेमा हॉल में नहीं बल्कि उत्तराखंड के अपने पहले ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर रिलीज हुई हैं. जिसको आप अपने फोन या टीवी पर घर बैठकर ही परिवार के साथ देख सकते हैं. 'वीडियोज अलार्म' ओटीटी को भारत सहित 18 देशों में देखा जा रहा है, जो कि अपने आप में ओटीटी की लोकप्रियता को दर्शाता है. ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर अब तक असगार, मीठी मां कु आर्शीवाद, रत्ब्याण, धरती म्यारा कुमाऊं की, शहीद जैसी फिल्मे रिलीज हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में आपको और भी कई नई फिल्म देखने को मिलेगी. ये ऐप आपके एंड्रॉइड फोन, आईओएस फोन और एंड्रॉइड टीवी पर भी उपलब्ध हैं. जिसको आप मात्र 99 रुपए प्रतिवर्ष में देख सकते हैं.
वीडियोज अलार्म स्थानीय कलाकारों को देता है प्राथमिकता
उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती इलाकों में सिनेमा हॉल न होने के चलते इस ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' ने गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाकर एक नए डिजिटल युग का आगाज कर दिया है. गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसार की खुशबू लिए उत्तराखंड का अपना पहला ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' अपनी संस्कृति और बोली भाषा को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी पहुंचाने का काम कर रहा है.'वीडियोज अलार्म' उत्तराखंड का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो स्थानीय कलाकारों, निर्देशकों और कहानियों को प्राथमिकता देता है. इस प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंडी फिल्में, वेब सीरीज, म्यूजिक और शॉर्ट फिल्में लगातार दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























