एक्सप्लोरर

उत्तराखंड में भूकंप को लेकर बढ़ी चिंता! वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, कहा- 80% इमारतों पर खतरा

Dehradun News In Hindi: वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के पूर्व भू-वैज्ञानिक डॉ. अजय पॉल के मुताबिक उत्तराखंड उस क्षेत्र में आता है जिसे वैज्ञानिक 'सेंट्रल सिस्मिक गैप' कहते हैं.

फिलीपींस के मिंडानाओ में जब 7.8 तीव्रता का भूकंप आया और सुनामी की चेतावनी जारी हुई, तो हजारों किलोमीटर दूर बैठे उत्तराखंड के भू-वैज्ञानिकों की भी नींद उड़ गई. वजह सिर्फ यह नहीं थी कि वहां तबाही हुई बल्कि यह थी कि हिमालय की धरती के नीचे भी कुछ ऐसा ही पक रहा है, जो किसी दिन बाहर निकालकर तबाही दिखा सकता है.

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के पूर्व भू-वैज्ञानिक डॉ. अजय पॉल के मुताबिक उत्तराखंड उस क्षेत्र में आता है जिसे वैज्ञानिक 'सेंट्रल सिस्मिक गैप' कहते हैं.यानी वह इलाका जहाँ पिछले करीब 200 सालों से 8 या उससे अधिक तीव्रता का कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है.                              

अब सवाल यह है कि क्या यह चुप्पी राहत की बात है? बिल्कुल नहीं.दरअसल भारतीय टेक्टोनिक प्लेट हर साल 4 से 5 सेंटीमीटर की रफ्तार से उत्तर की ओर खिसक रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है.यह टकराव रुकता नहीं बस धरती के भीतर ऊर्जा जमा होती जाती है,और जितनी देर तक यह ऊर्जा बाहर नहीं निकलती, उतना ही बड़ा झटका संभावित होता है.

यह भी पढ़ें: 'PDA की वजह से सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाया', अखिलेश के करीबी नेता ने लगाया बड़ा आरोप

नैनीताल, मसूरी, कर्णप्रयाग - तीनों शहरों की एक जैसी कहानी

केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की ने इन तीनों शहरों में 1100 से 1200 मकानों का बारीकी से सर्वे किया.मिट्टी की प्रकृति, ढलानों की स्थिरता, आरसीसी ढाँचे, निर्माण सामग्री हर पहलू को परखा गया.नतीजा चौंकाने वाला था 80 प्रतिशत भवन भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील पाए गए.

मतलब साफ है अगर आज किसी बड़े भूकंप के झटके आएं तो हर पाँच में से चार मकान खतरे में होंगे और ये वो शहर हैं जहाँ हर साल लाखों सैलानी आते हैं, जहाँ होटल और गेस्ट हाउस की भरमार है, जहाँ पहाड़ी ढलानों पर एक के ऊपर एक इमारतें खड़ी हैं.

शहरीकरण की अंधी दौड़ ने और बढ़ाया जोखिम

पिछले दो दशकों में उत्तराखंड में पर्यटन का जो विस्फोट हुआ है, उसने पहाड़ों का चेहरा बदल दिया है , नैनीताल, मसूरी, जोशीमठ, रुद्रप्रयाग, देहरादून हर जगह बहुमंजिला होटल, सड़कें चौड़ी करने के लिए पहाड़ की कटाई, और तंग गलियों में ठुँसी इमारतें.

विशेषज्ञों का कहना है कि ढलानों पर भारी निर्माण और भूकंपरोधी मानकों की अनदेखी मिलकर एक ऐसी स्थिति बना रहे हैं, जहाँ प्राकृतिक आपदा से होने वाला नुकसान कई गुना बढ़ सकता है.

देहरादून भी उतना सुरक्षित नहीं जितना हम मानते हैं

अक्सर लोग यह सोचकर निश्चिंत हो जाते हैं कि देहरादून तो मैदानी इलाका है, यहाँ ज्यादा खतरा नहीं.लेकिन वैज्ञानिक इस धारणा को सिरे से खारिज करते हैं.दून घाटी की भूगर्भीय बनावट ऐसी है कि कुछ हिस्सों में भूकंप की तरंगें और तेज हो सकती हैं.

यही वजह है कि अब देहरादून समेत प्रदेश के 11 प्रमुख शहरों मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी, गोपेश्वर, चमोली, जोशीमठ, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और नैनीताल का विस्तृत माइक्रो-जोनिंग अध्ययन कराने की तैयारी है.इसमें यह पता लगाया जाएगा कि किस क्षेत्र में भूकंप का खतरा कितना है और वहाँ किस तरह का निर्माण हो सकता है.

उत्तराखंड मे भूकंप का इतिहास

1803, श्रीनगर - 7.0 से अधिक तीव्रता का वह भूकंप इतना विनाशकारी था कि उसकी थरथराहट गंगा के मैदानों तक महसूस हुई थी.

1991, उत्तरकाशी - 6.8 तीव्रता के इस भूकंप ने 768 जिंदगियाँ लील लीं और हजारों मकान धराशायी हो गए.आज भी यह उत्तराखंड की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है.

1999, चमोली - फिर 6.8 की तीव्रता, फिर 100 से ज्यादा मौतें, फिर हजारों घर खंडहर.झटके दिल्ली तक पहुँचे थे.

2017, रुद्रप्रयाग - 5.8 की तीव्रता, बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एक बार फिर याद दिला गया कि हिमालय सोया नहीं है.

'भूदेव' - कुछ सेकंड की चेतावनी, कई जिंदगियाँ बचने की संभावना 

उत्तराखंड सरकार और आईआईटी रुड़की ने मिलकर 'भूदेव' नाम का मोबाइल ऐप विकसित किया है.यह भूकंप की प्राथमिक पी-वेव को पहचानकर मुख्य झटके आने से 15 से 30 सेकंड पहले अलर्ट भेज सकता है. यह वक्त कम लग सकता है, लेकिन आपदा विशेषज्ञ कहते हैं कि इतने में बहुत कुछ हो सकता है लिफ्ट से बाहर निकलना, गैस बंद करना, बच्चों को सुरक्षित जगह पहुँचाना, अस्पताल और स्कूलों में प्रोटोकॉल लागू करना.कई बार ये कुछ सेकंड ही जिंदगी और मौत का फर्क बन जाते हैं.

राज्य में अभी 169 सेंसर सक्रिय हैं, जिन्हें बढ़ाकर 500 करने की योजना है.रुड़की, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, केदारनाथ समेत 8 नई भूकंप वेधशालाएँ बनाई जा रही हैं.करीब 500 प्रमुख इमारतों में सायरन आधारित चेतावनी प्रणाली लगाने का काम भी प्रस्तावित है.SDRF, NDRF और जिला प्रशासन मॉक ड्रिल करते रहते हैं.

लेकिन वैज्ञानिक साफ कहते हैं - तकनीक और तैयारी तभी काम आती है जब निर्माण के वक्त नियम न तोड़े जाएँ.भूकंपरोधी मानकों का पालन सबसे पहली और सबसे जरूरी शर्त है.

यह भी पढ़ें: यूपी पुलिस को लगी हाईकोर्ट से फटकार, अवैध हिरासत में रखा युवक; अब देना होगा जुर्माना

आलोक सेमवाल उत्तराखंड के देहरादून की खबरों पर नजर रखते हैं. एबीपी लाइव के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन BA hons मास कम्यूनिकेशन HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी की हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UP MLC Election Results 2026 Live: 11 सीटों पर मतगणना, 152 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
Live: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना, 152 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
ओपी राजभर के इस दावे ने बढ़ाई BJP की मुश्किल, सीटों पर फंस सकता है पेच
ओपी राजभर के इस दावे ने बढ़ाई BJP की मुश्किल, सीटों पर फंस सकता है पेच
अगले 24 घंटों में बदलेगा यूपी का मौसम, तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटों में बदलेगा यूपी का मौसम, तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: BJP-SP के बीच निर्दलीय ने बढ़ाई चुनौती
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: BJP-SP के बीच निर्दलीय ने बढ़ाई चुनौती

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
प्रोटेस्ट पर भड़के योगेंद्र यादव, बोले- क्या BJP ने पुलिस से इजाजत मांगी?
प्रोटेस्ट पर भड़के योगेंद्र यादव, बोले- क्या BJP ने पुलिस से इजाजत मांगी?
Bihar MLC Election Results LIVE: बिहार की 8 एमएलसी सीटों के नतीजे आज, JDU को चौंका सकता है नीरज का रिजल्ट
बिहार की 8 एमएलसी सीटों के नतीजे आज, JDU को चौंका सकता है नीरज का रिजल्ट
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
WPL Auction: मुंबई इंडियंस कंगाल, नीलामी से पहले जानें किसके पर्स में कितना पैसा?
मुंबई इंडियंस कंगाल, WPL ऑक्शन से पहले जानें किसके पर्स में कितना पैसा?
Sigma OTT Release: अब ओटीटी पर धमाल मचाएगी जेसन संजय की 'सिग्मा', जानें- कब और कहां देख सकेंगे?
अब ओटीटी पर धमाल मचाएगी 'सिग्मा', जानें- कब और कहां देख सकेंगे?
महाराष्ट्र MLC चुनाव परिणाम 2026 की घोषणा आज, पुणे-नागपुर, अमरावती में कौन मारेगा बाजी? 
महाराष्ट्र MLC चुनाव परिणाम 2026 की घोषणा आज, पुणे-नागपुर, अमरावती में कौन मारेगा बाजी? 
चक्रवाती तूफान अर्नब हुआ ताकतवर, अलर्ट पर 4 राज्य, 53 ट्रेनें रद्द, 12 घंटे भारी
चक्रवाती तूफान अर्नब हुआ ताकतवर, अलर्ट पर 4 राज्य, 53 ट्रेनें रद्द, 12 घंटे भारी
ये क्या EMI भरेगी? कार पर लगाए पत्नी के पैर तो भड़के यूजर्स
ये क्या EMI भरेगी? कार पर लगाए पत्नी के पैर तो भड़के यूजर्स
Embed widget