सीएम धामी ने राज्य को दी 55 करोड़ की सौगात, सड़कों के पुनर्निर्माण व चौड़ीकरण का शिलान्यास
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण कार्य का वर्चुअली शिलान्यास किया है.

ऊधमसिंह नगर जिले के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया. केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत 55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का कार्य वुड हिल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को सौंपा गया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. उन्होंने इसे तराई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने से न केवल सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी.
उत्तराखंड से यूपी को सीधी कनेक्टिविटी
यह मार्ग गदरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा और छतरपुर को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के विलासपुर तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि लगभग दो लाख स्थानीय निवासी, व्यापारी और उद्योगों में कार्यरत लोग इस सड़क से प्रत्यक्ष लाभान्वित होंगे.
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. राज्य सरकार द्वारा सुदूर पर्वतीय इलाकों से लेकर शहरों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाएं सड़कों को नुकसान पहुंचाती हैं. लेकिन सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर यातायात बहाल करती है.
इस दौरान क्या बोले सीएम धामी
इस बीच उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार सीमांत इलाकों तक सड़कों का व्यापक नेटवर्क बना रही है. दशकों से लंबित परियोजनाओं को पूरा कर राज्य में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण से तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर होगी.
वहीं खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी स्थापित कर पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति दी जा रही है. सीएम धामी ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार केदारखंड की भांति मानसखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनरुत्थान और सौंदर्यीकरण के लिए भी कार्य कर रही है.























