घर में उगाएं देसी टिंडे, बाजार जाने की जरूरत नहीं
Apple Gourd Growing Tips: घर की बालकनी या छत पर ताजे और केमिकल-फ्री देसी टिंडे उगाना अब बेहद आसान हो गया है. जानें क्या है इसे उगाने का सही तरीका और किन बातों का रखना होगा ध्यान?

Apple Gourd Growing Tips: खाने में टिंडे बहुत से लोगों को पसंद होते हैं. लेकिन बाजार में केमिकल का इस्तेमाल करके आए गए टिंडो की वजह से अक्सर लोग टिंडे नहीं खा पाते. लेकिन क्या हो जब आपको अपने घर पर ही बढ़िया देसी टिंडे मिल जाए वह भी बिना केमिकल वाले. इसके लिए आपको बहुत ज्यादा जगह नहीं चाहिए. अगर आपके घर की छत खाली पड़ी है तो वहां भी ताजे टिंडे उगाए जा सकते हैं.
टिंडे की बेल को बड़े गमले में आसानी से तैयार किया जा सकता है. सही मिट्टी, भरपूर धूप और समय पर खाद पानी मिले तो घर पर ही ताजे टिंडे मिलने लगते हैं. टिंडा गर्म मौसम में तेजी से बढ़ने वाली बेल वाली सब्जी है और इसे घर के किचन गार्डन में उगाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कैसे आप अपने घर में उगा सकते हैं देसी टिंडे.
बड़े गमले में लगाएं टिंडे के बीज
घर पर टिंडे उगाने के लिए सबसे पहले सही गमला चुनना जरूरी है. इसकी जड़ें मिट्टी में अच्छी तरह फैलती हैं. इसलिए छोटा गमला लेने के बजाय बड़ा गमला बेहतर रहेगा. करीब 12×12 इंच के गमले का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक गमले में 3 से 4 बीज लगाए जा सकते हैं. इससे अगर कुछ बीज नहीं उगते हैं तो भी अच्छे पौधे मिल सकते हैं.
मिट्टी तैयार करते समय 50 फीसदी सामान्य मिट्टी, 40 फीसदी पुरानी गोबर की खाद या कंपोस्ट और 10 फीसदी बालू का मिक्स तैयार किया जा सकता है. इससे मिट्टी हल्की रहती है और पानी आसानी से बाहर निकल जाता है. बीज को उसकी लंबाई से करीब दोगुनी गहराई में लगाएं और ऊपर से थोड़ी मिट्टी या कोकोपीट डाल दें. इसके बाद हल्का पानी दें. शुरुआत में गमले को हल्की छाया वाली जगह पर रखें. बीज से पौधा निकलने के बाद इसे ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप मिलती हो.

धूप और पानी का रखें खास ध्यान
टिंडे की बेल को अच्छी ग्रोथ के लिए रोज करीब 6 से 8 घंटे की सीधी धूप चाहिए. गर्म मौसम में इसकी ग्रोथ अच्छी रहती है. बीज आमतौर पर 21 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान में तेजी से पौधे में बदल सकते हैं और 7 से 15 दिन में पौधा बाहर आ सकता है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां दिनभर अच्छी रोशनी मिलती रहे.
पानी देते समय एक बात का खास ध्यान रखें. मिट्टी में पानी अच्छी तरह पहुंचे लेकिन गमले में पानी जमा न हो. टिंडे की पत्तियों पर बार-बार पानी डालने के बजाय मिट्टी में पानी देना बेहतर रहता है. गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख सकती है इसलिए हाथ से मिट्टी चेक करके पानी दें. बारिश के दिनों में पानी कम दें.
जब बेल तेजी से बढ़ने लगे तो उसे जमीन या गमले के आसपास फैलने देने के बजाय ऊपर चढ़ने के लिए सहारा दें. रस्सी या डंडे की मदद से बेल को ऊपर बढ़ाया जा सकता है. इससे पौधे को फैलने के लिए जगह मिलती है और टिंडे भी जमीन से ऊपर रहेंगे. हर 15 से 20 दिन में पुरानी गोबर की खाद देने से पौधे की ग्रोथ अच्छी हो सकती है.
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करीब दो महीने बाद आने लगेंगे टिंडे
टिंडे के पौधे की ग्रोथ सही रही तो बीज लगाने के करीब 40 से 45 दिन बाद बेल पर फूल आने शुरू हो सकते हैं. इसके बाद करीब दो महीने में टिंडे दिखाई देने लग सकते हैं. अच्छी देखभाल मिलने पर एक ही बेल से करीब तीन महीने तक टिंडे मिल सकते हैं. इसलिए शुरुआत से ही पौधे की ग्रोथ, पानी और खाद पर ध्यान देना जरूरी है.
घर पर टिंडा उगाने के लिए अर्का टिंडा, टिंडा एस 48 और टिंडा लुधियाना जैसी वैरायटी का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि बीज खरीदते समय अच्छी क्वालिटी के लिए भरोसेमंद नर्सरी से बीज लेना बेहतर रहेगा. बेल पर टिंडे आने के बाद उन्हें बहुत ज्यादा बड़ा होने का इंतजार न करें. छोटे और नरम टिंडे सब्जी के लिए ज्यादा अच्छे रहते हैं. समय पर टिंडे तोड़ने से पौधे पर आगे भी नए फल आने का मौका मिलता रहता है.
पौधे की पत्तियों पर सफेद धब्बे, पीलापन या छोटे-छोटे कीड़े दिखाई दें तो तुरंत ध्यान दें. इस तरह थोड़ी सी देखभाल के साथ घर के छोटे गार्डन में ताजे देसी टिंडे उगाए जा सकते हैं और सब्जी खरीदने के लिए हर बार बाजार जाने की जरूरत भी नहीं होगी.

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