यूपी सरकार ने राज्य हज समिति के नए सदस्यों का किया ऐलान, जल्द होगा अध्यक्ष के लिए चुनाव
UP Haj Committee: यह सदस्य विभिन्न क्षेत्रों से जैसे कि राजनीतिक, धर्म, विधि विशेषज्ञ, समाज सेवा का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन्हीं सदस्यों में से अब आने वाले दिनों में अध्यक्ष का चुनाव होगा.

UP News: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से ठप पड़ी हज राज्य समिति को आज नई दिशा मिल गई है. राज्य सरकार ने 13 सदस्यों वाली नई हज समिति का गठन कर दिया है. अब इसके बाद थोड़े दिनों में समिति के अध्यक्ष का चुनाव होगा. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग में हज कमेटी में राज्यपाल द्वारा 13 सदस्यों को नामित किया गया है. यह सदस्य विभिन्न क्षेत्रों से जैसे कि राजनीतिक, धर्म, विधि विशेषज्ञ, समाज सेवा का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन्हीं सदस्यों में से अब आने वाले दिनों में अध्यक्ष का चुनाव होगा.
उत्तर प्रदेश राज्य समिति में आज दिन 13 सदस्यों के नाम का ऐलान हुआ उसमें दानिश आजाद अंसारी (सदस्य विधान परिषद लखनऊ), वली मोहम्मद (अध्यक्ष, नगर पंचायत, गोपामऊ, हरदोई), नदीमुल हसन (अध्यक्ष, नगर पंचायत, धौरा टांडा बरेली), सैयद अली वारसी (मुस्लिम धर्म विद्या एवं विधि विशेषज्ञ), हाफिज एजाज अहमद (मुस्लिम धर्म विद्या एवं विधि विशेषज्ञ), सैयद कल्बे हुसैन (मुस्लिम धर्म विद्या एवं विधि विशेषज्ञ, शिया समाज), मुहम्मद इफ्तेखार हुसैन (समाजसेवी), कामरान खान (समाजसेवी), जुनैद अहमद अंसारी (समाजसेवी), जावेद कमर खान (समाजसेवी),कमरुद्दीन (समाजसेवी), अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड और कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति का नाम शामिल है.
आज हुए नाम के ऐलान के बाद अब आने वाले दिनों में अध्यक्ष का चुनाव होगा जिसमें राज्य हज समिति का अध्यक्ष चुना जाएगा. इन सदस्यों का कार्यकाल राज्य सरकार के अधिसूचना के गजट में प्रकाशन की तारीख से 3 साल के लिए मान्य होगा. इन 13 सदस्यों की समिति में अगला अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर सब की निगाहें टिकी हुई है. इस बात की चर्चा है कि इस पद को लेकर जल्द ही मतदान या आम सहमति की प्रक्रिया शुरू होगी.
साल 2022 में हुए यूपी चुनाव के बाद यूपी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. उनका कार्यकाल पिछले दिनों खत्म हो गया था जिसके बाद नई समिति और अध्यक्ष को लेकर के तमाम चर्चाएं थी जिस पर आज विराम लग गया है.
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