Deepest Place In The World: ये है दुनिया की सबसे गहरी जगह, जिसमें डूब जाएगा पूरा माउंट एवरेस्ट
Deepest Place In The World: हमारी धरती पर एक ऐसी जगह भी है जो इतनी गहरी है कि उसमें माउंट एवरेस्ट तक डूब सकता है. आइए जानते हैं कौन सी है वह जगह.

Deepest Place In The World: धरती की सबसे गहरी जगह विशाल प्रशांत महासागर के नीचे छिपी हुई है. यह जगह इतनी गहरी है कि दुनिया का सबसे ऊंचा पहाड़ भी उसमें पूरी तरह डूब जाएगा. हम बात कर रहे हैं मारियाना ट्रेंच की. यह एक ऐसा भू वैज्ञानिक अजूबा है जो हमारे ग्रह के महासागरों की चरम सीमाओं को दिखाता है और धरती के सबसे कम खोजे गए क्षेत्र में से एक है.
एक अनोखा अजूबा
मारियाना ट्रेंच पश्चिमी प्रशांत महासागर में फिलिपींस के पूर्व में बसा हुआ है. इसका सबसे गहरा बिंदु जिसे चैलेंजर डीप के नाम से जाना जाता है समुद्र तल से लगभग 11034 मीटर की गहराई तक जाता है. इसे समझने के लिए माउंट एवरेस्ट जिसकी ऊंचाई 8849 मीटर हैं, अगर इस ट्रेंच के अंदर रखा जाए तब भी यह 2 किलोमीटर पानी के नीचे दबा रहेगा.
दबाव और जमा देने वाला अंधेरा
मारियाना ट्रेंच के निचले हिस्से में स्थितियां ग्रह पर सबसे चरम स्थितियों में से एक हैं. चैलेंजर डीप में दबाव समुद्र तल पर वायुमंडलीय दबाव से 1000 गुना से भी ज्यादा है. यह मोटे तौर पर एक इंसान के शरीर पर दर्जनों जंबो जेट का संतुलन बनाने के बराबर है. तापमान जमने के करीब रहता है. आमतौर पर एक डिग्री सेल्सियस और चार डिग्री सेल्सियस के बीच. यहां पर सूरज की रोशनी पहुंचती ही नहीं.
इतनी मुश्किलों के बावजूद भी जीवन
हैरानी की बात यह है कि इस परिस्थिति में भी कई तरह के अनोखे जीव जीवित रहते हैं. वैज्ञानिकों ने मारियाना स्नेल फिश जैसे जीवों की खोज की है. जेनोफियोफोर्स, विशाल एककोशिकीय जीव यहां पर पनपते हैं और साथ ही एम्फीपोड्स, झींगा जैसे जीव भी.
प्रदूषण सबसे गहरी पॉइंट तक पहुंच गया है
हाल के सालों में सबसे परेशान करने वाली खोजों में से एक यह है कि इंसानों का प्रदूषण मारियाना ट्रेंच तक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों को चैलेंजर डीप की तलहटी में प्लास्टिक बैग, खाने के रैपर, माइक्रो प्लास्टिक और जहरीले कैमिकल मिले हैं. इन चीजों से पता चलता है की धरती पर कोई भी जगह यहां तक की इसका सबसे गहरा बिंदु भी इंसान ने गतिविधियों से अछूता नहीं है.
मारियाना ट्रेंच कैसे बना
ज्योलोजिकली यह ट्रेंच पेसिफिक प्लेट के मारियाना प्लेट के नीचे जाने से बना था. इस धीमी लेकिन ताकतवर इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया ने एक ऐसा ट्रेंच बना दिया जो लगभग 2550 किलोमीटर लंबा और औसतन 69 किलोमीटर चौड़ा है.
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Source: IOCL
























