सपा और निर्वाचन आयोग के बीच तू-तू, मैं-मैं, CEO UP को बोलना पड़ा- ये तो ज्यादती कर रहे हैं...
समाजवादी पार्टी और निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश इकाई के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर तू-तू मैं-मैं छिड़ गई है.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर बहस हो गई. हालात यहां तक आए गए कि राज्य निर्वाचन आयोग के सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया- ये तो आप ज्यादती कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर दोनों के बीच की बहस पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी
दरअसल, समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के अकाउंट से योगी सरकार के मंत्री असीम अरुण का वीडियो पोस्ट कर लिखा गया- तो दिक्कत क्या है? सस्पेंड करवाईए SDM को, सरकार आपकी है, मंत्री हैं आप. चुनाव आयोग देख लीजिए. सपा ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें असीम अरुण दावा कर रहे हैं कि कन्नौज में वोट चुरी हुई है. वह पूरी तरह से निर्वाचन आयोग का सम्मान करते हैं. आयोग सबसे बड़ी कमी को सुधार रही है. अरुण ने वीडियो में दावा किया कि एक आदमी का 2-3 बार वोटर लिस्ट में नाम है. इसी कमी को आयोग दूर कर रहा है. उन्होंने कुछ नामों का जिक्र करते हुए दावा कि कन्नौज के लोकसभा चुनाव 2024 में सपा ने वोट चोरी की.
राज्य निर्वाचन आयोग ने क्या लिखा?
इस पर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से लिखा गया- मामले का संज्ञान ले लिया गया है जिला निर्वाचन अधिकारी कन्नौज को मामले की त्वरित एवं गहन जाँच कर उचित एवं प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित कर दिया गया है.
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इसके जवाब में सपा ने लिखा कि जब विपक्ष ने कोई बात कही तो आप लोग संज्ञान तक नहीं लेते और यहां तक कि विपक्ष के द्वारा की गई जायज शंकाओं और सत्तापक्ष के द्वारा मिलकर चुनाव अधिकारियों द्वारा की जा रही बेइमानियों तक पर कार्यवाही तो छोड़िए संज्ञान तक नहीं लेते और अब जब सत्तापक्ष के विधायक मंत्री चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं तो संज्ञान और कार्यवाही की बात कह रहा है चुनाव आयोग. भाजपा के साथ चुनावी बेईमानियों में संलिप्त DM और SDM कब सस्पेंड किए जाएंगे और कब राष्ट्रद्रोह की धाराओं के अंतर्गत उन पर कार्यवाही होगी क्योंकि चुनावी बेईमानी सीधे सीधे संविधान का उल्लंघन और राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है.
'यह तो आपके द्वारा ज़्यादती की जा रही'
सपा के इस पोस्ट पर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा- यह तो आपके द्वारा ज़्यादती की जा रही है. आप द्वारा ही आज कुछ समय पूर्व निम्नानुसार Tweet किया था कि “तो दिक्कत क्या है? सस्पेंड करवाईए SDM को, सरकार आपकी है, मंत्री हैं आप. @ECISVEEP देख लीजिए.” आपके ट्वीट किए जाने पर ही यह मामला संज्ञान में आया है और आपके द्वारा की गई अपेक्षा के अनुसार बिना कोई विलंब किए जिला निर्वाचन अधिकारी को मामले को देखने हेतु कहा गया है. अब आप शिकायत कर रहे है कि क्यों आपकी बात को गंभीरता से लेते हुए मामले को देखा जा रहा है. आपके राजनैतिक दल द्वारा की गई शिकायत का भी संज्ञान लिया गया है और जिन वोटरों के नाम ग़लत ढंग से वोटर लिस्ट में से काटे जाने की शिकायत की गई है उन सभी वोटरों के बारे में जाँच तीव्र गति से हो रही है. इस मामले में भी शपथ पत्र के साथ शिकायत किए जाने पर ही कार्रवाई होगी.
बात यहीं नहीं रुकी...
बात यहीं नहीं रुकी. इसके जवाब में सपा ने फिर पोस्ट किया. सपा मीडिया सेल के अकाउंट से लिखा गया- बस हम यही देखना और कहना चाह रहे थे कि जितनी जल्दी आपने सत्ता पक्ष के नेता मंत्री विधायक के एक वीडियो मात्र से त्वरित संज्ञान ले लिया लेकिन विपक्ष इतने सालों से ईमेल के द्वारा, ज्ञापन के द्वारा, चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर, सोशल मीडिया X (TWEET) पोस्ट के माध्यम से लगातार शिकायतें, सवाल कर रहा है उसका आज तक कोई संज्ञान तक नहीं लिया गया बल्कि उपचुनाव, लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव 2022 सभी चुनावों में जमकर भाजपा के साथ मिलकर धांधली बेईमानी और मतदाताओं को लाठी डंडे बंदूक के दम पर वोट ना डालने देने जैसी घटनाएं हुईं क्या कार्यवाही की आपने?
सपा ने लिखा- कितने SP, CO, इंस्पेक्टर, दरोगा सस्पेंड किए आपने? शिकायतों पर कितने अफसर चुनावी ड्यूटी से हटाए? सबूत सहित शिकायतों पर कितने DM, SDM सस्पेंड हुए? कितने अफसर जो सीधे सीधे चुनावी बेइमानी में संलिप्त थे उन्हें गिरफ्तार करवाया? सब अधिकारी एवं आयोग भाजपा के साथ मिले हुए हैं जी डायलॉग आप चुनाव आयोग पर सटीक बैठता है, निष्पक्षता का तो आप लोगों ने दाह संस्कार कर डाला है.
Source: IOCL






















