'ओवैसी को चांद-तारे देखने हैं तो यूपी आएं', AIMIM चीफ के बयान पर भड़के योगी के मंत्री
UP Politics: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के हालिया कठमुल्ला वाले बयान के बाद देश में सियासी पारा हाई हो गया. AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जरिये हालिया दिनों उर्दू और कठमुल्ला वाले बयान को लेकर ना सिर्फ प्रदेश का बल्कि देश का सियासी पारा हाई हो गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर हैदराबाद से एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
सांसद असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर यूपी के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक भड़क गए. उन्होंने एआईएमआईएम सांसद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान पागलपन और उम्र का तकाजा है. दिनेश खटीक ने कहा कि देश में उर्दू पढ़कर न आईएएस- पीसीएस बनते हैं, न डॉक्टर आतंकवादी और जेहादी बनते हैं.
योगी सरकार में राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने कहा, "ओवैसी को दिमागी पागलपन है. वे उत्तर प्रदेश में आकर ये बयान दें तो चांद तारे नजर आ जाएंगे." उन्होंने सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा, "वे यूपी में आएं तो यहां का लॉ एंड ऑर्डर पता चल जाएगा."
AIMIM सांसद ने क्या कहा?
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उर्दू भाषा को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है. असदुद्दीन ओवैसी ने शायराना अंदाज में सीएम योगी को जवाब देते हुए कहा कि उर्दू किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि देश की भाषा है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "सीएम योगी के मुताबिक, उर्दू पढ़ना कठमुल्लाओं की तरह मौलाना बनने जैसा है. इससे साफ है कि उन्हें उर्दू भाषा का ज्ञान नहीं है, लेकिन वह खुद वैज्ञानिक क्यों नहीं बने. इसका जवाब वही दे सकते हैं." AIMIM सांसद ने गोरखपुर के मशहूर उर्दू शायर रघुपति सहाय 'फिराक' का जिक्र करते हुए कहा कि वह मुस्लिम नहीं थे, फिर भी उर्दू के बड़े शायर थे. आज बड़ा अनाप-शनाप बोल रहे हो, बोलते जाओ.
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उर्दू उत्तर प्रदेश की तहजीब का हिस्सा है. उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का हवाला देते हुए कहा कि संसद में भाषणों का तर्जुमा उर्दू में भी किया जाता है. ओवैसी ने कहा कि उर्दू सिर्फ मुसलमानों की नहीं बल्कि आजादी की जुबान रही है और इसे किसी धर्म से जोड़ना गलत है.
(मेरठ से सनुज शर्मा की रिपोर्ट)
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