Shraddha Murder Case: श्रद्धा हत्याकांड ने दिलाई अनुपमा गुलाटी हत्याकांड की याद, पति ने शव के किए थे 72 टुकड़े
दिल्ली में दहला देने वाले श्रद्धा हत्याकांड ने लोगों को उस घटना की याद दिला दी है जिसमें अपराधी ने कमोबेश इसी तरह से घटना को अंजाम दिया था और शव को ठिकाने लगाया था.

Uttarakhand News: दिल्ली के श्रद्धा वाकर हत्याकांड (Shraddha Murder Case) ने 12 साल पहले देहरादून के अनुपमा गुलाटी (Anupama Gulati) हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं. वर्ष 2010 में दून की शांत वादियों में प्रेम विवाह का ऐसा अंजाम हुआ कि हर सुनने और देखने वाले की रूह कांप गई थी. पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने झगड़ा होने के बाद अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी को मौत के घाट उतार दिया था और शव के 72 टुकड़े कर दिए थे.
सात साल के अफेयर के बाद की थी शादी
दिल्ली के सत्य निकेतन के राजेश गुलाटी की द्वारका इलाके की रहने वाली अनुपमा से 1992 में अमेरिका में मुलाकात हुई थी. उसी ने ही खुद अनुपमा को एमसीए भी कराया था. दोनों का सात साल अफेयर चला. उसके बाद दोनों की 1999 में शादी हो गई. दोनों के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा था. अनुपमा 2008 में अमेरिका से लौटने के बाद बच्चों के साथ मायके में रहने लगी. दोनों के बीच मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच गया था. इन दोनों के दो बच्चे थे.
राजेश ने आर्य़ समाज मंदिर में की थी दूसरी शादी
उधर, राजेश नौकरी के लिए कोलकाता चला गया. इसी दौरान एक सहकर्मी से उसकी नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों साथ रहने लगे. महिला पहले से शादीशुदा थी. स्थानीय लोग विरोध करने लगे तो उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली. वहीं मंदी के कारण राजेश की नौकरी चली गई और महिला का पति लौट आया. इस बीच, अनुपमा ने भी ई-मेल के जरिए रिश्ता सुधारने की कोशिश शुरू कर दी थी. राजेश वापस तो आ गया पर कलकता की महिला से उसका रिश्ता टूट नहीं पाया. राजेश नहीं माना तो झगड़ा फिर बढ़ गया. इसके बाद राजेश ने इंटरनेट पर हत्या से जुड़े वीडियो ढूंढने शुरू किए और फिल्म 'साइलेंस ऑफ द लैंब' देखी. इसी से प्रेरित होकर उसने अपनी पत्नी को ठिकाने लगा दिया.
ऐसे हुआ था हत्याकांड का खुलासा
पत्नी के शव के 72 टुकड़े करने के बाद उसने डीपफ्रीजर में रख दिया था और एक-एक कर मसूरी की वादियों में फेंक दिया. इस सनसनीखेज घटना का खुलासा तब हुआ जब महिला का भाई उसके घर पहुंचा. उसने घर की तलाशी ली तो उसके होश उड़ गए. घर में रखे डीपफ्रीजर में उसकी बहन के 27 टुकड़े बरामद हुए, जो पालीथीन में पैक थे. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. सितंबर 2017 में स्थानीय अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद राजेश गुलाटी फिलहाल देहरादून की सुद्दोवाला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. राजेश को अपनी पत्नी की हत्या करने का कोई गम नहीं था.
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Source: IOCL


























