लखनऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे सपा चीफ अखिलेश यादव, क्या बात हुई?
Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राजधानी लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात करने पहुंचे.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदी से मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'हम आज यहां उनका आशीर्वाद लेने आए हैं. ऐसे समय में जब सोशल मीडिया इतना शक्तिशाली है, हर व्यक्ति विवाद पैदा करने के लिए तैयार है. हालांकि, मैं यहां शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने आया हूं.' शंकराचार्य और अखिलेश के बीच मुलाकात 1 घंटे तक चली.
अखिलेश ने कहा कि हर व्यक्ति के मन में इच्छा होती है कि कुछ अच्छा हो. अच्छाई और बुराई के बीच हमेशा एक संघर्ष चलता रहता है. आज हम समझते हैं कि हम सबके भीतर सुदर्शन चक्र जैसा संकल्प होना चाहिए, ताकि समाज में फैले पाप और बुराइयों को मिलकर समाप्त किया जा सके.
इसे राजनीति से न जोड़ा जाए- अखिलेश
उन्होंने कहा कि जब समाजवादी सरकार थी, तब हमने गाय की सेवा को लेकर कई फैसले लिए. जितना संभव था, हमने गौसेवा के लिए काम किया और आगे भी करते रहेंगे. लखनऊ और उत्तर प्रदेश का पहला काउ मिल्क प्लांट कन्नौज में स्थापित किया गया था, जहां केवल देसी गाय के दूध से उत्पाद बनाए जाते थे. यह हमारी गौसेवा का एक महत्वपूर्ण प्रयास था. लेकिन वर्तमान सरकार ने कन्नौज का वह काउ मिल्क प्लांट बंद कर दिया.
उन्होंने कहा कि दोनों डिप्टी सीएम के यहां न आने पर मैं कहना चाहता हूं कि इसे राजनीति से न जोड़ा जाए. हालांकि पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं. आए दिन घटनाएं सामने आ रही हैं. सुनने में आ रहा है कि बैठकों में यह चर्चा हो रही है कि किसकी टिकट कटेगी और किसे नहीं मिलेगी. यहां तक कि यह भी चर्चा है कि दोनों डिप्टी सीएम को हटाने की बात कही गई है. यदि यह बात जनता के बीच जाएगी, तो इसका असर चुनाव पर पड़ सकता है.
कन्नौज सांसद ने कहा कि यह सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रही है. जिलाधिकारी तक पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है. यदि जिला स्तर पर अधिकारियों को अपने नाम की पट्टिकाएं हटानी पड़ें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है. खबर है कि बैठकों में बड़े पैमाने पर टिकट काटे जाने की तैयारी है.
सपा नेता ने कहा कि भारत सरकार के गलत फैसलों के कारण आज लोगों को लकड़ी और चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ रही है. एलपीजी की कमी की पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों की है. ये अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, जिसकी वजह से यह संकट पैदा हुआ है. मुख्यमंत्री के गृह जनपद और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी लोग लाइन में खड़े हैं. सरकार ने पहले 21 से 25 दिन के ऑर्डर की बात कहकर भ्रम फैलाया.
माघ मेला 2026 के दौरान जनवरी में प्रयागराज में प्रशासन और पुलिस के साथ शंकराचार्य के विवाद के बाद कई नेता उनसे मुलाकात कर चुके हैं. दावा है कि अखिलेश के शंकराचार्य से मिलने पर राज्य में इस मुद्दे पर सियासत और ज्यादा गर्म हो सकती है.
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Source: IOCL


























