राजेंद्र स्टील के डायरेक्टर का मामलाः हाईकोर्ट ने मांगे दूतावासों के बीच पत्राचार के कागजात
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर की राजेन्द्रा स्टील कंपनी के पूर्व डायरेक्टर डी.एस. बत्रा के अमेरिका से प्रत्यर्पण के अगस्त 2018 से अब तक दोनों देशो के दूतावासों के बीच हुए पत्राचार पेश करने का निर्देश दिया है।

एबीपी गंगा, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर की राजेन्द्रा स्टील कंपनी के पूर्व डायरेक्टर डी.एस. बत्रा के अमेरिका से प्रत्यर्पण के अगस्त 2018 से अब तक दोनों देशो के दूतावासों के बीच हुए पत्राचार पेश करने का निर्देश दिया है।
केन्द्र सरकार के प्रत्यर्पण मंत्रालय के अनुसचिव संदीप कुमार ने कोर्ट को बताया कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जांच करने में देरी हो रही है। जैसे ही जवाब आयेगा प्रत्यर्पण किया जायेगा। इस पर कोर्ट ने अब तक हुए पत्राचार पेश करने का आदेश दिया है और कहा है कि यदि भारतीय अधिकारियों की वजह से देरी हो रही है तो कोर्ट सचिव या संयुक्त सचिव को तलब करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने कंपनी मामले की सुनवाई करते हुए दिया है। सी.बी.आई. की तरफ से अधिवक्ता संजय यादव ने बहस की। कोर्ट ने कहा कि 2005 में रेड कार्नर नोटिस जारी की गई है। करोडों की संपत्ति का घोटाला कर बत्रा फरार है। कोर्ट की सख्ती के बाद सी.बी.आई ने अगस्त 18 में प्रत्यर्पण कार्रवाई शुरू की। 8 आपराधिक कार्यवाही में बत्रा को हाजिर होने का कोर्ट ने सम्मन जारी किया है। कोर्ट ने जवाब से असंतोष प्रकट किया और कहा कि यदि हलफ़नामा दाखिल नही किया गया तो अनुसचिव अगली तारीख पर कोर्ट में हाजिर होंगे।
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