Prateek Yadav Net Worth: अपर्णा यादव के पति प्रतीक के पास है ये लग्जरी कार, करोड़ों के मालिक हैं अखिलेश के सौतेले भाई
Aparna Bist Pratik Yadav Divorce News: UP में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने तलाक का दावा किया है. आइए हम आपको बताते हैं कि प्रतीक कितनी संपत्ति के मालिक हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के सौतेले बेटे प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया साइट इंस्टा पर एक पोस्ट कर हलचल मचा दी है. अक्सर राजनीतिक गतिविधियों के बजाय अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए खबरों में रहते हैं लेकिन इस बार वजह दूसरी है. यादव परिवार के दूसरे सदस्यों से अलग, प्रतीक ने एक पोस्ट में कहा है कि वह अपर्णा को तलाक दे देंगे.
आइए हम आपको बताते हैं कि अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के पास कितनी संपत्ति है और उनका पेशा क्या है?
प्रतीक यादव मुख्य रूप से अपने बिजनेस और हाई-प्रोफाइल पर्सनल लाइफ के लिए जाने जाते हैं. वह मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं, और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं.
प्रतीक यादव की शादी अपर्णा यादव से हुई है, जो पब्लिक लाइफ में एक्टिव रही हैं और पहले चुनाव भी लड़ चुकी हैं. इनकी एक बेटी है.
लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार के मालिक हैं प्रतीक यादव
प्रतीक यादव की लाइफस्टाइल के सबसे ज़्यादा चर्चा वाले पहलुओं में से एक है उनके लग्ज़री गाड़ियों का कलेक्शन. इनमें एक लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार भी है, जिसकी कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई जाती है. लग्जरी कारों के अलावा, प्रतीक यादव फिटनेस और वेलनेस वेंचर्स से भी जुड़े हैं.
बीते दिनों प्रतीक उस वक्त भी चर्चा में आए थे जब सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर अपना एक आदेश दिया था जिस पर उन्होंने अपील की थी कि ऐसे निर्णय बेजुबानों के लिए घातक हैं. वह बेजुबानों के लिए एनजीओ भी संचालित करते हैं.

प्रतीक का लखनऊ में एक हाई-एंड जिम है, जो प्रीमियम क्लाइंट्स को सर्विस देता है. उधर, अपर्णा की संपत्ति की बात करें तो चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पास लगभग ₹15 करोड़ की संपत्ति है. इन घोषित संपत्तियों में चल और अचल दोनों शामिल हैं. हालांकि प्रतीक यादव खुद चुनाव नहीं लड़ते हैं.
अगर डाईवोर्स तक बात पहुंची तो अपर्णा को कितनी संपत्ति मिलेगी?
ऐसा कोई तय कानूनी नियम नहीं है कि तलाक के बाद पत्नी को अपने पति की कुल प्रॉपर्टी का एक खास हिस्सा, जैसे 50% या उससे कम या इससे ज्यादा अपने आप मिल जाए. हिंदू मैरिज एक्ट के तहत, कोर्ट सभी प्रॉपर्टी को अपने आप नहीं बांटते हैं. जो प्रॉपर्टी सिर्फ पति की होती है-जैसे शादी से पहले खरीदी गई प्रॉपर्टी, विरासत में मिली या पुश्तैनी प्रॉपर्टी, या खुद की खरीदी हुई प्रॉपर्टी जो जॉइंट रूप से मालिकाने हक वाली नहीं है-वह अपने आप पत्नी को नहीं मिलती है.
पत्नी को अपनी प्रॉपर्टी पर पूरे अधिकार होते हैं, जिसमें उसके नाम पर प्रॉपर्टी और उसका गहने, तोहफे, कैश, और शादी के दौरान मिली चीजें शामिल हैं. अगर कोई प्रॉपर्टी जॉइंट रूप से मालिकाने हक वाली थी या शादी के दौरान दोनों पति-पत्नी के योगदान से खरीदी गई थी, तो कोर्ट योगदान के सबूत के आधार पर सही बंटवारे पर विचार कर सकता है.
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