'सपा शासन में दलितों-पिछड़ों पर ढाए गए जुल्म...', अखिलेश यादव को ओपी राजभर ने याद दिलाईं कई बात
UP News: सपा शासनकाल की याद दिलाते हुए कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश जी आपके लोगों की गुंडई देखकर मुझे आपके पूरे शासन काल की सपाई गुंडागर्दी याद आ गई.

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर फेसबुक पोस्ट के जरिए तीखा हमला बोला है. राजभर ने अपनी पोस्ट में यूपी की पूर्व सपा सरकार में बिगड़ी कानून-व्यवस्था पर जमकर हमला बोला. राजभर ने कहा, 'हम पिछड़ों-दलितों पर आप लोगों ने क्या-क्या जुल्म ढाए थे, हमें सब याद है.'
सपा शासनकाल की याद दिलाते हुए ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश जी आपके लोगों की गुंडई देखकर मुझे आपके पूरे शासन काल की सपाई गुंडागर्दी याद आ गई. 2016 के बुलंदशहर गैंगरेप मामले पर उन्होंने कहा कि दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर एक महिला और उसकी 14 वर्षीय बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी. उस पर तत्कालीन सरकार में मंत्री आजम खान ने जो बयान दिया था वो प्रदेश की जनता आज तक नहीं भूली है.
राजभर ने लिखा, “साल 2016 की वो घटना अभी तक रोंगटे खड़े कर देती है जब दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर बुलंदशहर में एक मां और उसकी मात्र 14 साल की नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. मां दरिंदों के सामने रो-रोकर गिड़गिड़ाती रही, बार-बार कहती रही, “जो करना है मेरे साथ कर लो, लेकिन मेरी बेटी पीरियड्स में है, उसे छोड़ दो”, पर वो जानवर नहीं माने. आज भी ये घटना याद आते ही आत्मा कांप जाती है.”
राजभर ने आगे लिखा कि इस घटना पर रामपुर वाले आपके प्रिय नेता आजम खान ने जो अशोभनीय बयान दिया था, वो भी ना हम भूले हैं ना यूपी के लोग. ऐसा लगता है कि अगर आप गलती से दोबारा सत्ता में आ गए होते तो बुलंदशहर जैसे ना जाने कितने कांड आपके लोग अब तक कर चुके होते.
मंत्री ओपी राजभर ने आगे कहा कि यदि सपा दोबारा सत्ता में आती, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती थीं. उन्होंने यह भी दावा किया कि यूपी की योगी सरकार में साल 2020 में जब इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई, तब उसने पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया.
सपा राज में गुंडों के बढ़े थे हौसले-राजभर
मंत्री राजभर ने पोस्ट में लिखा, 'जानते हैं, इस मामले के(बुलंदशहर) मुख्य आरोपी को योगी सरकार में 2020 में उसके गुनाहों की सजा दिलाने के लिए उसकी गिरफ्तारी की कोशिश की. एक गलती तो आपके राज में वह कर ही चुका था, दूसरी गलती पुलिस पर हमला करने की कोशिश करने की करने लगा. लेकिन ये सपाई राज तो था नहीं जो पुलिस गुंडों के सामने सरेंडर कर दे. ठोंक दिया. समझ रहे हैं, उन्हें कहां पहुंचा दिया, वहां जहां उनकी जगह थी. 'नर्कलोक'.'
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बदायूं कांड, 'आर्टिकल 15' और जातीय हिंसा का भी किया जिक्र
वहीं राजभर ने 2014 के बदायूं मामले को लेकर लिखा, “अखिलेश भाई, अगर मैं गलत नहीं हूं तो आपकी सरकार के समय मई 2014 में बदायूं में दो दलित बहनों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई और लाशों को पेड़ पर लटका दिया गया. ज्यादातर आरोपी आपके स्वजातीय थे. आपने अनुभव सिन्हा से फिल्म 'आर्टिकल 15' बनवाकर इस मामले को नॉर्मलाइज करने की कोशिश की और आरोपियों की जातियां बदल दीं. लेकिन सच्चाई तो आप भी अच्छी तरह जानते हैं. फिल्में सच्ची घटनाओं की नहीं बदल सकतीं.”
‘एक-एक जिले की घटनाएं याद दिलाऊंगा'- ओपी राजभर
पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा कि अब समय आ गया है कि सपा सरकार के दौरान हुई कथित जातीय हिंसा, अत्याचार, मारपीट, हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं को एक-एक कर जनता के सामने रखा जाए. उन्होंने कहा, 'सुनिए, आपकी सरकार में हुई जातीय हिंसा की पूरी फेहरिस्त अब खोलने का वक्त आ गया है.'
उन्होंने कहा कि आपके स्वजातियों द्वारा अति पिछड़ों और दलितों पर किए गए अत्याचार, मारपीट, हत्या और बलात्कार की घटना को लोग भूले नहीं हैं. तैयार रहिए अखिलेश जी! आपकी सरकार की एक जनपद-एक जातीय हिंसा (यादव द्वारा) की याद आपको दिलाकर रहूंगा. आप लोगों ने हम पिछड़ों दलितों पर क्या-क्या जुल्म ढाए थे, हमें सब याद है.”
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