मुरादाबाद: प्रॉपर्टी के लालच में पति की हत्या, पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में महिला ने अपने लिव इन पार्टनर की संपत्ति के लालच में बेटे के साथ मिलाकर हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लिव इन रिलेशन में रह रही एक महिला ने प्रोपर्टी और पैसे हड़पने की नियत से अपने दिव्यांग दोस्त/पति की हत्या कर दी. यह महिला दिन में पत्नी बन कर इस दिव्यांग व्यक्ति के रख में रहती थी और रात को अपने पहले पति और बच्चों में चली जाती थी.
मतलब इस महिला के दो पति थे एक दिन का और एक रात का, महिला दिन में जिस पति के पास रहती थी उसका नाम प्रमोद कुमार था और वह दिव्यांग था लेकिन उसके पास पैसा और प्रॉपर्टी ठीक ठाक थी वह ब्याज पर पैसे देने का धंधा करता था. इस महिला और उसके दोस्तों को भी प्रमोद कुमार ने ब्याज पर पैसा दे रखा था. इसी पैसे को लेकर महिला के मन में लालच आ गया और उसने अपने नाबालिग बेटे और अपने एक दोस्त के साथ मिलकर 13 अक्टूबर की रात में प्रमोद कुमार की हत्या कर दी थी और सुबह को प्रमोद की लाश पर ऐसे रो रो कर नाटक कर रही थी जैसे इस कुछ मालूम ही नहीं है.
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पुलिस ने प्रमोद कुमार की हत्या का खुलासा करते हुए इस महिला और इसके नाबालिग बेटे और एक दोस्त सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना ठाकुरद्वारा थाना इलाके की है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 40 साल के दिव्यांग प्रमोद कुमार मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाना इलाके के फरीदनगर गांव में रहते थे. वह एक टांग से दिव्यांग थे और ब्याज पर पैसा देने का धंधा करते थे. 13 अक्टूबर को प्रमोद कुमार का शव उनके घर में पड़ा मिला था. मामले की जांच शुरू हुई तो पुलिस को उसकी पत्नी सुनीता उर्फ पूजा पर शक हुआ.
पुलिस के मुताबिक, सुनीता का पहला पति जगन्नाथ है, जबकि प्रमोद उसका दूसरा पति था. आरोप है कि वह दिन में प्रमोद के साथ रहती थी और रात में अपने पहले पति जगन्नाथ के पास रहती थी.
दोस्त और बेटे के साथ मिलकर रची साजिश
पुलिस की जांच में आमने आया कि सुनीता ने अपने दोस्त अबरार और नाबालिग बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि धारदार हथियार से वार कर प्रमोद की हत्या कर दी गई. पुलिस का दावा है कि सुनीता और अबरार प्रमोद की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे.
वहीं, सुनीता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी 11 साल की बेटी के साथ कथित बदसलूकी को लेकर परेशान थी. ये सभी बातें पुलिस जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित हैं. आरोप है कि तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से प्रमोद की हत्या की थी. पुलिस को पहले दिन से ही सुनीता पर शक था, लेकिन सबूत जुटाने में पुलिस को तीन दिन लग गए.
संपत्ति पर कब्जे की कोशिश
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा सामने आई है. जांच के बाद पुलिस ने सुनीता उर्फ पूजा और अबरार को गिरफ्तार किया, जबकि नाबालिग बेटे को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल खून लगा धारदार हथियार और प्रमोद का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है.
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