चढ़ावा चोरी मामले में जमात-ए-इस्लामी हिंद की एंट्री, उपाध्यक्ष बोले- राम मंदिर का निर्माण ही...
Ayodhya स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने तीखी टिप्पणी की है.

जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने यह तो कहा कि निष्पक्ष जांच हो लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सर्वोच्च अदालत का फैसला गलत था.
उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई अपराध हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी राय में राम मंदिर का निर्माण न्याय के आधार पर नहीं हुआ था और अदालत का फैसला भी उन्हें अन्यायपूर्ण लगता है, लेकिन चूंकि फैसला आ चुका है और मंदिर बन चुका है, इसलिए अब वहां होने वाली किसी भी कथित आपराधिक घटना को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है.
असदुद्दीन ओवैसी पर भी बोले सलीम इंजीनियर
सलीम इंजीनियर ने यूपी में AIMIM की एंट्री और असदुद्दीन ओवैसी के हालिया दौर पर भी बात की. उन्होंने कहा कि मैं असदुद्दीन ओवैसी का सम्मान करता हूं, भले ही उससे सहमत हों या नहीं, क्योंकि हर राजनीतिक दल और नेता को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है. उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति का विरोध करना केवल मुसलमानों की नहीं बल्कि देश के सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सलीम इंजीनियर ने कहा कि यूपी देश का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य है और चुनाव जनता के वास्तविक मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए, न कि हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण के आधार पर. उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल अपने हितों के कारण एकजुट नहीं हो रहे हैं, तो जनता को स्वयं एकजुट होकर विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो भी समाज में नफरत फैलाने या संविधान की बुनियाद को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है, उसके खिलाफ राजनीतिक दलों और नागरिकों को मिलकर खड़ा होना चाहिए.




















