अरुणाचल में शहीद हुए उत्तराखंड के हवलदार रविन्द्र सिंह, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
Rudraprayag News: मंगलवार सुबह लगभग सात बजे शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया. गांव पहुंचते ही भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा.

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के दशज्युला निवासी भारतीय सेना में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह अरुणाचल प्रदेश में शहीद हो गए. जिसके बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गयी. शहीद जवान का अंतिम संस्कार मंगलवार को रुद्रप्रयाग स्थित अलकनंदा-मंदाकिनी संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया. सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर साथी को अंतिम सलामी दी. इस दौरान सभी की आंखें नम रहीं.
मंगलवार सुबह लगभग सात बजे शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव आगर (दशज्यूला पट्टी) लाया गया. गांव पहुंचते ही भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की आंखें नम रही.
15 गढ़वाल रायफल्स में थी तैनाती
जानकारी के अनुसार 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात 36 वर्षीय हवलदार रविन्द्र सिंह पुत्र सतेंद्र सिंह राणा वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के अलोंग में तैनात थे. 18 जनवरी 2026 को ड्यूटी के दौरान उन्होंने भारत माता की सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की. शहीद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं. शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. गांव सहित पूरे जनपद में मातम का माहौल है. हर कोई अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई देता नजर आया.
धामी सरकार ने दिया मदद का भरोसा
अंतिम सलामी में पहुंची स्थानीय विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि हवलदार रविन्द्र सिंह का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश शहीद के परिवार के साथ खड़ा है और सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी. जिला पंचायत सदस्य विनोद कांडपाल ने कहा कि दशज्यूला पट्टी ने एक सच्चा देशभक्त खो दिया है. यह पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. सूबेदार, 15 गढ़वाल राइफल्स जसवंत सिंह ने शहीद के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए कहा कि हवलदार रविन्द्र सिंह हमेशा यूनिट के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे.
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