ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और रूस के बीच हो गई डील? ट्रंप की कब्जा करने की जिद के बीच लावरोव का चौंकाने वाला बयान
Russia on Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए हर मुमकिन कोशिशें कर रहे हैं. इस बीच रूस के मंत्री ने ग्रीनलैंड पर बयान जारी कर के नई बहस छेड़ दी है.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का 'प्राकृतिक हिस्सा' नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व उपनिवेशों (कोलोनियल टेरिटरीज) की समस्या अब ज्यादा गंभीर हो रही है.
रूस का ग्रीनलैंड में दखल देने का इरादा नहीं
IANS के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 को लावरोव ने मॉस्को में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कि रूस का ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने का कोई इरादा नहीं है. साथ ही, उन्होंने कहा कि अमेरिका को पता है कि मॉस्को का खुद ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का कोई प्लान नहीं है. रूस किसी के अधिकार को चुनौती नहीं देता लेकिन खुद को भी नजरअंदाज करने की अनुमति नहीं दे सकता.
रूसी डिप्लोमेसी के 2025 के परिणामों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के भीतर संकट की प्रवृत्तियों के बारे में बात की, जिसमें ग्रीनलैंड इसका नया उदाहरण है, क्योंकि यह NATO देशों में बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा, 'पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं. रूस ग्रीनलैंड के आसपास की गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर रख रहा है.'
रूस कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा
लावरोव के मुताबिक, ग्रीनलैंड न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का. यह एक औपनिवेशिक जीत का हिस्सा है. यह दूसरी बात है कि अब वहां के लोग इसके आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने रूस की ताकत पर बात की और चुनौती भरे अंदाज में कहा कि रूस किसी को भी अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा.
उन्होंने कहा, 'रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा. किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा. यूरोपीय देशों ने कहा है कि ट्रंप की ग्रीनलैंड टैरिफ घोषणा पिछले साल उनके प्रशासन के साथ हुए ट्रेड डील का उल्लंघन होगी. EU नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में एक आपातकालीन सम्मेलन में संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा करेंगे.'
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल चाहते हैं. शनिवार को ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की, जो अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे हैं.
ग्रीनलैंड के लोग ट्रंप का विरोध कर रहे
दिमित्री एंटोनोव और व्लादिमीर सोल्डाटकिन की रिपोर्ट में एक फोटो का जिक्र है, जिसमें 17 जनवरी को ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में लोग ग्रीनलैंड के झंडे लहराते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे ट्रंप की मांग के खिलाफ हैं कि ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंप दिया जाए. प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड अपना भविष्य खुद तय करे. इस रिपोर्ट को ग्लेब स्टोलयारोव ने लिखा है और संपादन एंड्रयू ओसबोर्न ने किया है.
Source: IOCL


























