हरिद्वार में भूस्खलन: काली मंदिर के पास टूटा पहाड़, बाल-बाल बचे सैकड़ों मुसाफिर
Haridwar News:काली मंदिर के पास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा रेलवे ट्रैक पर गिरा. मलबे की तेज रफ्तार से ट्रैक पर लगा लोहे का सुरक्षा जाल भी क्षतिग्रस्त हो गया, इसने मलबे को काफी हद तक रोक लिया.

उत्तराखंड के हरिद्वार की शिवालिक पर्वतमालाओं से बड़ी खबर सामने आई है, जहां अप्पर रोड स्थित काली मंदिर के पास लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ. इस घटना में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे रेलवे ट्रैक पर गिर गया, जिससे ट्रैक बाधित हो गया और ट्रेनों का आवागमन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया.
हालांकि हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा जाल के टूटने से बड़ा हादसा टल गया. घटना सुबह करीब 6:30 बजे हुई, जिसके बाद रेलवे विभाग और पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई है.
काली मंदिर के पास गिरा टुकड़ा
बता दें कि लगातार बारिश के कारण काली मंदिर के पास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा रेलवे ट्रैक पर गिरा. मलबे की तेज रफ्तार से ट्रैक पर लगा लोहे का सुरक्षा जाल भी क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन इसने मलबे को काफी हद तक रोक लिया, जिससे जान-माल के नुकसान से बचा जा सका. स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि पहाड़ से मलबा इतनी तेजी से गिरा कि हमें लगा कोई बड़ा हादसा हो जाएगा, लेकिन सुरक्षा जाल ने राहत दी. रेलवे कर्मचारी मोहन सिंह ने कहा कि हमें तुरंत सूचना मिली, और हमने ट्रैक को सुरक्षित करने के लिए काम शुरू कर दिया.
रेलवे और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही हरकी पौड़ी चौकी पुलिस और रेलवे विभाग की टीम मौके पर पहुंची. ट्रैक की घेराबंदी कर सुरक्षा जांच शुरू की गई है ताकि कोई अनहोनी न हो. एसपी रेलवे ने बताया कि सुबह 6:30 बजे यह हादसा हुआ. सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई. श्याम जंता एक्सप्रेस को देहरादून से रवाना होने से पहले हरावाला रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया, जहां पुलिस बल तैनात है. ट्रैक खोलने में 4 से 5 घंटे लग सकते हैं. रेलवे कर्मियों की टीमें मलबा हटाने और ट्रैक को फिर से चालू करने में जुटी हैं.
प्रशासन की सावधानी और अपील
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काली मंदिर को आरती कराकर बंद कर दिया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अप्पर रोड और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर न जाएं, क्योंकि बारिश के कारण और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है. भीमगोड़ा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है, और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं.
मौसम विभाग की चेतावनी
उधर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे क्षेत्र में और खतरे की आशंका है. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी की कमजोरी भूस्खलन का कारण बन रही है, फ़िलहाल रेलवे और प्रशासन मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
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Source: IOCL























