नवरात्रि: सप्तमी पर माँ कालरात्रि की आराधना, हरिद्वार के दक्षिणी काली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
Haridwar News: स्वामी कैलाशानंद गिरि ने यह भी कहा कि माँ कालरात्रि अपने भक्तों के सभी भय और संकटों को दूर करती हैं तथा उन्हें सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ की जा रही है. नवरात्रि के इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की आराधना से भक्तों के जीवन के भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है. माँ कालरात्रि का स्वरूप भले ही उग्र और भयानक बताया जाता है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए सदैव शुभ और कल्याणकारी मानी जाती हैं.
इसी क्रम में हरिद्वार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ दक्षिणी काली मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. दूर-दूर से आए भक्त मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माँ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है. श्रद्धालु मंत्र जाप, साधना और भजन-कीर्तन के माध्यम से माँ को प्रसन्न करने में जुटे हुए हैं. कई भक्त उपवास रखकर और पूरे नियमों का पालन करते हुए नवरात्रि की साधना कर रहे हैं.
मंदिर के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिन बेहद पवित्र और फलदायी माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से उपवास रखते हैं, माँ की आराधना करते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं, उन पर माँ की विशेष कृपा होती है. उनके अनुसार, नवरात्रि के दौरान की गई साधना और भक्ति जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और शांति को बढ़ाती है.
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने यह भी कहा कि माँ कालरात्रि अपने भक्तों के सभी भय और संकटों को दूर करती हैं तथा उन्हें सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं. यही कारण है कि नवरात्रि के सातवें दिन मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि इन पावन दिनों में श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ माँ की आराधना करें. ऐसा करने से जीवन में सफलता, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है तथा व्यक्ति का जीवन मंगलमय बनता है.
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