Haridwar: बंगाल हिंसा पर रविंद्र पुरी महाराज का सीएम ममता बनर्जी पर हमला, केंद्र सरकार से की बड़ी मांग
Uttarakhand: पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है.

Haridwar News: पश्चिम बंगाल में लगातार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर संत समाज में गहरा रोष व्याप्त है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है, कानून व्यवस्था ध्वस्त है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ऐसी सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए, जो एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए बहुसंख्यक समाज पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज कर रही है.
महंत रविंद्र पुरी महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी केवल मुसलमानों के वोट से नहीं, बल्कि हिंदुओं के वोटों से भी सत्ता में आई हैं. इसके बावजूद, वह बार-बार हिंदुओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं. आए दिन बंगाल में साधु-संतों, सनातन धर्म के अनुयायियों और मंदिरों पर हमले हो रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ममता सरकार की बर्खास्तगी की मांग
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही केंद्र सरकार ममता सरकार को बर्खास्त नहीं करती, तो साधु-संत और संपूर्ण सनातनी समाज बंगाल की ओर कूच करेगा. यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से होगा लेकिन इसके प्रभाव को नजरअंदाज करना कठिन होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह समय सिर्फ बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि कड़े निर्णय लेने का है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ममता बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर भी श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म के सच्चे प्रहरी हैं और उन्होंने भारतवर्ष में सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित किया है. उनके नेतृत्व में प्रयागराज का महाकुंभ दिव्य और भव्य तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें 60 से 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया.
महंत जी ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा कुंभ आयोजित हुआ जो न सिर्फ विश्व पटल पर छा गया, बल्कि आस्था और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम बना. योगी आदित्यनाथ ने जिस प्रकार से धर्म, संस्कृति और प्रशासन का संतुलन बनाए रखा, वह आज के समय में अनुकरणीय है. अंत में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पर किसी भी प्रकार का हमला अब स्वीकार नहीं किया जाएगा. साधु-संत अब मौन नहीं रहेंगे और समय आने पर धर्म की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े होंगे.
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