शिमला: खरगे के अपमान पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, निकाला शांति मार्च
Uttarakhand News In Hindi: हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच का कथित 'शुद्धिकरण' और हवन कराए जाने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांति मार्च निकाला.

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद, एक दक्षिणपंथी संगठन ' राम सेना' द्वारा मंच का कथित 'शुद्धिकरण' और हवन कराए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है. कांग्रेस पार्टी ने इस कृत्य को सीधे तौर पर दलित विरोधी मानसिकता और घृणित जातिगत भेदभाव करार देते हुए देशव्यापी विरोध शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में शुक्रवार (14 अगस्त) को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांति मार्च निकालकर इस घटना के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया है.
शिमला में इस प्रदर्शन की कमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ओर शिमला ग्रामीण अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने संभाली. उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शेरे पंजाब से एक विरोध रैली निकाली, जो ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंची.
बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा गंगाजल से मंच धोना बताया निंदनीय
इस मौके पर प्रदर्शन के दौरान जिला शिमला अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि 8 अगस्त की रैली के तुरंत बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा गंगाजल से मंच धोना और हवन करना बेहद निंदनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी एक तरफ दलितों के साथ खड़े होने का दावा करती है. वहीं दूसरी तरफ उनकी यह हरकत दलित विरोधी मानसिकता और संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार पर हमले को दर्शाती है. उन्होंने इस कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की.
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कांग्रेस संविधान और दलितों के सम्मान में रहेगी खड़ी
इसी प्रदर्शन में शामिल शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश 1947 में धर्मनिरपेक्षता और समान नागरिक सिद्धांतों के आधार पर बना था, जबकि बीजेपी की मनुवादी सोच देश को समाज विभाजन की ओर ले जा रही है. उन्होंने कहा कि देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेता मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान से बीजेपी की मंशा साफ उजागर हो चुकी है. हिमराल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, आम जनता और दलितों के सम्मान की रक्षा के लिए मैदान में डटी रहेगी और इस तरह की विभाजनकारी ताकतों का लगातार कड़ा विरोध करती रहेगी.
चुनाव में वोट के लिए पैर छूना और बाद में भेदभाव सही नहीं
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि 21वीं सदी में भी इंसानों को बांटने और दलित समाज का अपमान करने जैसी सोच बेहद चिंताजनक और निंदनीय है. चुनाव के समय वोट के लिए पैर छूने और बाद में ऐसा भेदभाव करने की राजनीति समाज और भाईचारे के लिए सही नहीं है.
वहीं, नरेश गांधी ने संविधान द्वारा सभी को मिले समानता के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि जातिवाद जैसी सोच इंसानों में नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि खुद को राम भक्त कहने वाले लोग रामायण और भगवान राम के दिए समानता के आदर्शों का पालन क्यों नहीं कर पा रहे हैं. चुनाव में हाथ जोड़कर वोट मांगने और बाद में भेदभाव करने वाली मानसिकता की उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की.



















