CM योगी ने पढ़ाई के साथ कौशल सीखने पर भी दिया जोर, युवाओं के नाम चिट्ठी लिखकर किया आह्वान
CM Yogi Adityanath Letter: सीएम ने युवाओं से किया आह्वान करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ कम से कम एक कौशल अवश्य सीखें. कौशल से आपको केवल रोजगार नहीं, रोजगार देने वाला भी बनाएगा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व युवा कौशल दिवस पर प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने युवाओं को कौशल से जुड़कर विकसित प्रदेश और यूपी को एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ सालों में प्रदेश आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई हब के रुप में स्थापित हो रहा है.
सीएम योगी ने अपनी चिट्ठी में लिखा- 'देश की सर्वाधिक युवा शक्ति वाला अपना प्रदेश कौशल से जुड़कर न केवल विकसित उत्तर प्रदेश, अपितु वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के निर्माण का पथ भी प्रशस्त करेगा. मेरे इस विश्वास का कारण कर्म और कौशल को सर्वोच्च स्थान देने वाली सनातन संस्कृति के चिरंतन मूल्य है.
सीएम योगी ने छात्रों के नाम लिखी चिट्ठी
रामायण में रामसेतु के निर्माण का प्रसंग हमारी सांस्कृतिक चेतना में निहित विज्ञान, शिल्प, नवाचार और कार्यकुशलता का गौरवशाली अध्याय है, जो हमें कुछ भी असंभव नहीं मानने का मंत्र देता है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से 20 हज़ार रुपये से आरंभ किया गया उनका फर्नीचर व्यवसाय आज लाखों के टर्नओवर में परिवर्तित हो चुका है.'
सरकार ने विगत 9 सालों में उत्तर प्रदेश का कौशल प्रदेश में बदला है. विश्व युवा कौशल दिवस पर कौशल सेतु और कौशल सारथी का शुभारंभ, युवाओं को नई दिशा मिलेगी. सीएम योगी ने कहा कि यूपी आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स व एआई हब के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है. एक जनपद, एक उत्पाद योजना से पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान मिली है.
युवाओं को कौशल सीखने का आग्रह
सीएम योगी ने कहा कि टेक युवा-समर्थ युवा पहल से नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों से जोड़ा जा रहा है. सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से कौशल को स्वरोजगार और उद्यमिता की नई शक्ति मिल रही है. प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ निःशुल्क व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी पहल से गरीब परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. सीएम ने युवाओं से किया आह्वान करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ कम से कम एक कौशल अवश्य सीखें. कौशल से आपको केवल रोजगार नहीं, रोजगार देने वाला भी बनाएगा. प्रदेश के MSME सेक्टर से लगभग 4 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए है.
मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि युवा कम से कम एक कौशल सीखकर समाज और प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी करेंगे. योजनाओं से लाभान्वित युवा दूसरों को भी जागरुक करें, अधिक से अधिक युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं. कौशल ही आत्मनिर्भरता का आधार, स्वाभिमान का संबल और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है.
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