'CM को बदनाम करने की साजिश हुई नाकाम', वायरल चिट्ठी पर BJP विधायक अरविंद पांडे का पलटवार
Uttarakhand News: कथित चिट्ठी के मामले पर विधायक अरविंद पांडे ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है और वह पूरी तरह से फर्जी है.

उत्तराखंड की सियासत में पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रही कथित चिट्ठी के मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गदरपुर से विधायक अरविंद पांडे ने सामने आकर इस पूरे विवाद पर स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कांग्रेस द्वारा दिखाई गई चिट्ठी को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया है, जो अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है.
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हाल ही में एक कथित पत्र मीडिया के सामने पेश किया था. इस पत्र को लेकर दावा किया गया कि यह भाजपा विधायक अरविंद पांडे द्वारा लिखा गया है, जिसमें कुछ संवेदनशील मुद्दों का जिक्र है. इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी और भाजपा पर सवाल उठने लगे थे.
बंगाल में CM योगी ने जहां किया प्रचार, वहां बीजेपी का स्ट्राइक रेट धुआंधार; TMC का बुरा हाल
विधायक अरविंद पांडे ने दावों को किया खारिज
लेकिन अब खुद विधायक अरविंद पांडे ने मीडिया के सामने आकर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस चिट्ठी का हवाला दिया जा रहा है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है और वह पूरी तरह से फर्जी है. पांडे ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि को नुकसान पहुंचाना था.
पांडे ने कहा कि आज के समय में भारतीय जनता पार्टी देश की जरूरत बन चुकी है और जनता का भरोसा पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हालिया चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन से यह साफ जाहिर होता है कि जनता विपक्ष के भ्रामक आरोपों से प्रभावित नहीं हो रही है.
कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झूठे और फर्जी दस्तावेजों के सहारे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकती. पांडे के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण का उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री धामी को बदनाम करना और सरकार की छवि को धूमिल करना था, लेकिन यह साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है.
इस मामले के सामने आने के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं. क्या कांग्रेस ने बिना सत्यापन के इस पत्र को सार्वजनिक कर दिया? क्या यह राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी का परिणाम है? और सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या कांग्रेस इस मामले में माफी मांगेगी?
बीजेपी नेताओं ने क्या कहा?
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के कृत्य राजनीति के स्तर को गिराते हैं और जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम करते हैं. पार्टी का मानना है कि इस घटना से यह साफ हो गया है कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों की कमी है, जिसके चलते इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.
कुल मिलाकर, फर्जी चिट्ठी के इस विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है. जहां एक ओर भाजपा इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बता रही है, वहीं अब सभी की नजरें कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वह इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है.
यूपी में आंधी-बारिश से हुई तबाही पर CM योगी सख्त, 24 घंटे में नुकसान की भरपाई के दिए निर्देश
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























