679 फोटो और 36 बच्चों के यौन शोषण के वीडियो..., बांदा के हैवान जेई और उसकी पत्नी को मौत की सजा
Banda Case: पोर्नोग्राफी मामले में आज पॉक्सो कोर्ट ने जेई और उसकी पत्नी को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है. साथ ही पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख मुआवजा देने का आदेश सरकार को दिया है.

बांदा में बहुचर्चित पोर्नोग्राफी मामले में आज पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है. 31 अक्टूबर 2020 में सीबीआई ने आरोपी राम भवन के खिलाफ 50 से अधिक बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न और उनका वीडियो बनाकर विदेश में बेचने का आरोप में मुकदमा दर्ज किया था. इस मामले में आज 160 पृष्ठ के फैसले में पॉक्सो अदालत ने राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सरकार को दिया है.
दरअसल, इस पूरे मामले की जानकारी सीबीआई को इंटरपोल के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद 30 अक्टूबर 2020 को सीबीआई ने इस प्रकरण में मामला दर्ज किया. इस मामले में सीबीआई ने 16 नवंबर 2020 को सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर राम भवन को चित्रकूट से किया था. इसी मामले में गवाहों को धमकाने के प्रकरण में जेई की पत्नी दुर्गावती को भी चित्रकूट से 28 दिसंबर 2020 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. तभी से दोनों आरोपी में बांदा के मण्डल कारागार में निरुद्ध थे.
अदालत ने दोषियों को सुनाई मौत की सजा
अब पॉक्सो कोर्ट ने इस मामले में दोनों आरोपी सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर राम भवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को इस जघन्य अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई है. आरोपी रामभवन मूलरूप से बांदा जनपद के नरैनी कस्बे का रहने वाला है. इस प्रकरण में सीबीआई ने कोर्ट में 74 गवाहों को पेश किया.
पॉक्सो कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता ने क्या कहा?
पॉक्सो कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह ने बताया, इस प्रकरण की जानकारी इंटरपोल के द्वारा सीबीआई को मिली थी, 3 नंबरों से बच्चों का यौन शोषण करते हुए उसका वीडियो इंटरनेट पर अपलोड किया जाता है, जिसे करीब 40-45 देशों में बेचा गया. इसके साथ ही जो सीबीआई को पेन ड्राइव दी गई थी, उसमें 679 फोटो और 36 बच्चों के यौन शोषण के वीडियो थे.
सीबीआई ने कोर्ट में पेश किए 74 गवाह
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने इस प्रकरण में 30 अक्टूबर 2020 में मुकदमा दर्ज किया और सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार ने इसकी विवेचना शुरू की. फरवरी 2021 में इसकी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की. चार वर्ष ऑर्ट में चले इस प्रकरण में सीबीआई के अभियोजक ने 74 गवाहों को कोर्ट में पेश किया.
अदालत ने पति-पत्नी को सुनाई मौत की सजा
इसी दौरान 16 नवम्बर को आरोपी रामभवन को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया और 28 दिसम्बर 2020 को गवाहों को धमकाने के मामले में सीबीआई ने रामभवन की पत्नी दुर्गावती को भी गिरफ्तार कर उसे भी जेल भेज दिया था. तब से दोनों आरोपी बांदा जेल में कैद थें. हालांकि कुछ समय पहले दुर्गावती की हाईकोर्ट से जमानत हो गई थी. आज इस केस में पॉक्सो अदलात के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती दोनों को मौत की सजा सुनाई है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























