गोविंद देव गिरी के बाद अब कमल नयन दास...सवालों पर झुंझला कर झटक दिया ABP न्यूज़ का माइक
Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर विवाद में कमल नयन दास मीडिया के सवालों पर भड़क गए और माइक हटाने की कोशिश की. वहीं, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल तेज हो गए.

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य कमल नयन दास भी मीडिया के सवालों पर नाराज हो गए. जब उनसे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से बचने की कोशिश की. बातचीत के दौरान उन्होंने ABP न्यूज़ का माइक हटाने की कोशिश भी की और मीडिया पर अनर्गल प्रचार करने का आरोप लगाया.
'मीडिया ने गलत प्रचार किया'
कमल नयन दास ने कहा कि मीडिया ने बिना तथ्य के यह प्रचार किया कि मंदिर का सामान गायब हो गया. उनका कहना था कि इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. हालांकि जब उनसे पूछा गया कि अगर प्राथमिक जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सामने आई है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया.
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उन्होंने कहा कि जिसने भी विश्वासघात किया है, उसे सजा मिलेगी. लेकिन जब कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी और इस तरह के आरोप लगाना गलत है.
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— ABP News (@ABPNews) July 7, 2026
सवाल पूछने पर माइक हटाने की कोशिश
ABP न्यूज़ से बातचीत के दौरान माहौल उस समय गर्म हो गया जब सवाल लगातार पूछे जाने लगे. कमल नयन दास ने माइक पर हाथ रखकर उसे हटाने की कोशिश की.
मौके पर मौजूद पत्रकार ने कहा कि वे सिर्फ जवाब जानना चाहते हैं, लेकिन कमल नयन दास सवालों से बचते नजर आए. घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस दौरान हलचल देखने को मिली और बातचीत बीच में ही रुक गई.
गोविंद देव गिरी पर भी उठ रहे हैं सवाल
इस पूरे विवाद के केंद्र में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी हैं. मीडिया ने उनसे पूछा कि अगर ट्रस्ट के सामान को लेकर गड़बड़ी की प्राथमिक रिपोर्ट सामने आई है तो क्या उनकी जिम्मेदारी तय नहीं होती. लेकिन वह भी सवालों का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए और मीडिया का माइक हटाने की कोशिश करते दिखाई दिए. यही वजह है कि अब विपक्ष के साथ-साथ ट्रस्ट के अंदर से भी उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कही बड़ी बात
ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने इस पूरे मामले में अलग रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि कोषाध्यक्ष होने के नाते जिम्मेदारी गोविंद देव गिरी की बनती है और उन्हें पूरे मामले का हिसाब देना होगा.
उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति के पास वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है, जवाबदेही भी उसी की होती है.
महंत दिनेंद्र दास ने यह भी कहा कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी. अगर पहले जानकारी होती तो समय रहते कार्रवाई की जा सकती थी. उन्होंने माना कि अब जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
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जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें
कथित सामान गायब होने के मामले में एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है. हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है. ऐसे में यह साफ होना बाकी है कि कथित गड़बड़ी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ट्रस्ट के पदाधिकारियों से उनकी जिम्मेदारी पर सवाल पूछे जा रहे हैं तो वे खुलकर जवाब क्यों नहीं दे रहे. आने वाले दिनों में जांच की दिशा और ट्रस्ट की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजर रहेगी.























