यूपी में BJP किसको देगी कितनी सीटें? अखिलेश यादव ने कर दिया खुलासा!
Akhilesh Yadav News: अखिलेश यादव ने काह कि पीडीए की जनसंख्या के अनुपात में ये भी आधे से कम ही है, इसीलिए ये योजना बुरी तरह असफल ही होगी.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अगले साल हैं लेकिन सूबे में इसको लेकर सियासत तेज हो गई है. इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने सहयोगी दलों को कितनी सीटें देगी.
अखिलेश यादव ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, "सूत्रों के हवाले से आई ये खबर बेहद स्वागत योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी हार सामने देखकर, ‘पीडीए’ के दबाव-जवाब में अपने सहयोगी दलों को इधर-उधर छटकने से बचाने के लिए, कुछ चुनावी विशेषज्ञों की सलाह पर निम्न विवरण के अनुसार सीटें देने की योजना पर काम कर रही है :
- आरएलडी : 73 सीटें
- सुभासपा : 39 सीटें
- निषाद पार्टी : 31 सीटें
- अपना दल : 19 सीटें
अखिलेश यादव ने ये भी कहा, "यूं देखे तो ये एक सराहनीय बात है लेकिन पीडीए की जनसंख्या के अनुपात में ये भी आधे से कम ही है, इसीलिए ये योजना बुरी तरह असफल ही होगी. बीजेपी का ये बड़ा प्लान इसलिए भी फ़ेल ही होगा क्योंकि: धर्म-धन चुराकर रामघात करनेवाले, दुखी-माता का अपमान करनेवाले, बच्चों पर लाठियां चलवाने वाले, भ्रष्टाचार-महंगाई-बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ाने वाले, शिक्षा-परीक्षा में महा-घपला करने वाले, स्वास्थ्य सेवाओं को बीमार करने वाले, बिजली के लिए तड़पाने वाले, सड़कों और अन्य निर्माणों को जानलेवा बनाने वाले, चारित्रिक पतन के नये कीर्तिमान बनाने वाले, झूठे मुकदमों व फेक एनकाउंटर करने वाले और लोगों के घरों-दुकानों पर बुलडोज़र चढ़वाने वाले भाजपाइयों को विदा कहने के लिए जनता बेसब्र है."
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'जनता नकार चुकी है'
इसके अलावा अखिलेश यादव ने ये भी कहा, "लोगों को पुलिस हिरासत में मरवाने वाले, प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय तक बंद शिक्षालय बंद करवाने वाले,टीचरों से चारा इकट्ठा करवाने वाले, आशा, आंगनबाड़ी, सहायिका और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को आंदोलन करने पर मजबूर करने वाले,व्यापारियों-दुकानदारों-कारोबारियों का अधिकतम मुनाफा घूस में खा जाने वाले, खिलाड़ियों तक से पैसा खाने वाले,कलाकारों के यश भारती सम्मान और उनको मिलने वाली सम्मान राशि समाप्त करने वाले, किसान, मज़दूर, मेहनतकश और पेशेवरों व अन्य सभी को उनका हक़-अधिकार न देने वाले, अल्पकालिक अग्निवीर लाकर सालों से भर्ती के लिए मेहनत करने वालों का मनोबल तोड़ने वाले, विज्ञान और वैज्ञानिकों को मान न देने वाले, 69000 जैसी अनेक भर्तियों में आरक्षण मारने वाले, देश की संपत्ति बेचने वाले,संविधान को बदलने की साज़िश करने वाले भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को अब जनता पूरी तरह नकार चुकी है."
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