यूपी की सियासी लैब में बिहार जीत वाला फॉर्मूला! BJP लगाएगी हैट्रिक?
UP Election 2027: विनोद तावड़े 2022 से बिहार के प्रभारी रहे, इस दौरान उन्होंने गठबंधन को मजबूत करने के साथ 2024 और 2025 के चुनावों में पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभाई.

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में यूपी के 8 नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने के बाद अब पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाया है. विनोद तावड़े बिहार के प्रभारी रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में बीजेपी ने गठबंधन के साथ चुनावी रणनीति को मजबूत किया था. ऐसे में यूपी में उनकी नियुक्ति को बीजेपी के बिहार फॉर्मूले से जोड़कर देखा जा रहा है.
विनोद तावड़े 2022 से बिहार के प्रभारी रहे, इस दौरान उन्होंने गठबंधन को मजबूत करने के साथ 2024 और 2025 के चुनावों में पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभाई. महाराष्ट्र में लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे विनोद तावड़े राज्य सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं. उन्हें बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का भरोसेमंद नेता माना जाता है.
यूपी में उनकी जिम्मेदारी को पार्टी के उस रणनीतिक प्लान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें बिहार की तरह संगठन, सहयोगी दलों और सामाजिक समीकरणों को साधने पर जोर दिया जा सकता है.
क्या है बीजेपी का ‘बिहार फॉर्मूला’?
पहला फॉर्मूला- मजबूत प्रभारी
बिहार में बीजेपी की रणनीति को मजबूती देने वाले विनोद तावड़े को अब देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य यूपी की जिम्मेदारी दी गई है.
दूसरा फॉर्मूला- सहयोगी दल
बिहार में बीजेपी के साथ पांच दलों का गठबंधन था. इन दलों की अपनी सामाजिक और जातीय पकड़ है. यूपी में भी बीजेपी के साथ पांच दल गठबंधन का हिस्सा हैं. ऐसे में सहयोगी दलों के जरिए अलग-अलग सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति अहम हो सकती है.
तीसरा फॉर्मूला- महिला वोटर
बिहार चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को आर्थिक लाभ देने वाली योजनाओं और सीधे खाते में राशि पहुंचाने पर जोर दिया गया था. यूपी में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की संभावित योजना को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
नितिन नवीन की टीम में यूपी के 8 चेहरे
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में यूपी से कुल 8 नेताओं को जगह मिली है. इनमें स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.
स्मृति ईरानी – राष्ट्रीय महासचिव
हरीश द्विवेदी – राष्ट्रीय महासचिव
रेखा वर्मा – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
तारिक मंसूर – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
डॉ. भोला सिंह – राष्ट्रीय मंत्री
संगीता यादव – राष्ट्रीय मंत्री
अमरपाल मौर्य – बीजेपी ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष
कुंवर बासित अली – बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष
जातीय समीकरण साधने पर जोर
रेखा वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं और संगठन में राज्यों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव रखती हैं. वहीं तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और वर्तमान में एमएलसी हैं. वहीं बुलंदशहर से लगातार तीन बार सांसद रहे डॉ. भोला सिंह को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. वह खटीक समाज से आते हैं, राज्यसभा सांसद संगीता यादव को भी राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है.
वहीं अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चे की कमान दी गई है, जबकि कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है. इन नियुक्तियों को यूपी के जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
राष्ट्रीय टीम में यूपी की हिस्सेदारी
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में कुल 65 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 11 महिलाएं हैं. यूपी से कुल 8 नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के 13 पदों में यूपी से रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को जगह मिली है. पिछली टीम में यूपी से तीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे, जिनमें इन दोनों के अलावा लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी शामिल थे.
राष्ट्रीय महासचिव के 8 पदों में यूपी से स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी मिली है. पिछली टीम में यूपी से राधामोहन दास अग्रवाल राष्ट्रीय महासचिव थे. राष्ट्रीय मंत्री के पद पर यूपी से डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को जगह मिली है. पिछली टीम में यूपी से सुरेंद्र नागर राष्ट्रीय सचिव की भूमिका में थे.
इसके अलावा इस बार यूपी से अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. पिछली राष्ट्रीय टीम में यूपी से सिर्फ किसान मोर्चा के अध्यक्ष को जगह मिली थी.
हैट्रिक की तैयारी में बीजेपी
यूपी में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है. एक तरफ पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में यूपी के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी हैं. वहीं दूसरी ओर बिहार में चुनावी रणनीति को धार देने वाले विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाकर संगठन और सामाजिक समीकरणों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है. ऐसे में 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव बीजेपी और विपक्ष, दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.























