UP Election 2027: इमरान मसूद के घर गंगोह में कांग्रेस का बुरा हाल, 2022 में जीती थी BJP, क्या हैं 2027 के समीकरण?
UP Politics: यूपी चुनाव के लिए गंगोह विधानसभा सीट पर क्या समीकरण हैं और वहां किसका दावा कितना मजबूत है, यहां पढ़ें विशाल विश्लेषण में.

उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर जिले की गंगोह विधानसभा सीट कैराना लोकसभा सीट का हिस्सा है. गंगोह विधानसभा सीट पहली बार साल 2012 में अस्तित्व में आई. नकुड़ और देवबंद सीट के कुछ हिस्सों को अलग कर गंगोह विधानसभा सीट बनी. गंगोह को गन्ना बेल्ट भी माना जाता है, यहां की नानौता चीनी मिल हमेशा चर्चा में रहती है. इस विधानसभा में गन्ना किसान बड़ी संख्या में रहते हैं. राजनीतिक भाषा में गंगोह सीट के बारे में कहा जाता है कि इस विधानसभा में विधायक तो गुर्जर ही बनना है. साल 2012 से इस सीट पर हर चुनाव में गुर्जर ही विधायक बने हैं.
गंगोह की विधानसभा संख्या 7 है. साल 2022 में गंगोह में भारतीय जनता पार्टी के कीरत सिंह विधायक बने. साल 2022 में समाजवादी पार्टी ने चौधरी इंदरसेन को टिकट दिया था. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने नौमान मसूद और कांग्रेस ने अशोक सैनी को टिकट दिया था. इस सीट पर आजाद समाज पार्टी ने मौसम अली राणा को टिकट दिया था. भाजपा और सपा दोनों ने ही गुर्जर समाज के प्रत्याशी को मैदान में उतारा था. वहीं बसपा और आसपा ने मुस्लिम चेहरे को टिकट दिया था.
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साल 2026 में एसआईआर के बाद गंगोह विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 45 हजार 243 बची है. वहीं साल 2024 के लोकसभा चुनाव के वक्त गंगोह विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 3 लाख 87 हजार 637 थी. यानी एसआईआर के बाद गंगोह में 42 हजार 394 मतदाता घटे हैं.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में गंगोह विधानसभा सीट पर किस दल को कितने वोट मिले-
1. बीजेपी- 1 लाख 16 हजार 582
2. सपा- 93 हजार 133
3. बसपा- 55 हजार 78
4. आसपा- 2 हजार 617
5. कांग्रेस- 1 हजार 936
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 43.08 फीसदी वोट हासिल किए. इस सीट पर बीजेपी ने 23 हजार 449 वोटों से जीत दर्ज की. गंगोह में 34.42 फीसदी मतों के साथ समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर रही, वहीं 20.35 फीसदी वोटों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही. बसपा को जिन चुनिंदा सीटों पर अच्छी खासी संख्या में वोट मिले, उनमें से गंगोह भी एक है. बसपा प्रत्याशी इस सीट पर 55 हजार से ज्यादा वोट लाने में कामयाब रहें. कांग्रेस साल 2022 में 2 हजार वोट भी नहीं ला पायी.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले सपा को नहीं बल्कि सपा और राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन को हराया था. इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि आरएलडी इन क्षेत्रों में अपने जनाधार का दावा करती है लेकिन आंकड़े आरएलडी के दावों की पोल खोलते हैं.
साल 2022 के बाद साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कैराना लोकसभा सीट पर सपा के इकरा हसन की जीत हुई. गंगोह विधानसभा सीट कैराना लोकसभा का हिस्सा है. लेकिन साल 2024 में गंगोह सीट पर सपा और बीजेपी में कौन आगे रहा. यह जानने के लिए जल्दी से एक नजर डालते हैं साल साल 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों पर.
साल 2024 में गंगोह विधानसभा सीट के चुनावी आंकड़ें-
1. सपा- 1 लाख 17 हजार 901
2. बीजेपी- 1 लाख 986
3. बसपा- 22 हजार 766
लोकसभा चुनाव साल 2024 में कैराना लोकसभा सीट पर सपा से इकरा हसन, बीजेपी से प्रदीप कुमार और बसपा से श्रीपाल चुनावी मैदान में थे. साल 2024 में गंगोह विधानसभा सीट पर सपा ने बीजेपी को पिछाड़ दिया. सपा गंगोह में 16,915 वोटों से आगे रही. यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा इस सीट पर बीजेपी से चुनाव हार गई थी. 2022 में बीजेपी ने गंगोह में सपा को 23,449 वोटों से हरा दिया था. लेकिन साल 2024 में बीजेपी खुद सपा से चुनाव हार गई.
इस सीट पर सपा को साल 2022 के मुकाबले साल 2024 में 24 हजार 768 वोट ज्यादा मिले. वहीं बीजेपी को साल 2022 के मुकाबले साल 2024 में 15 हजार 596 वोट कम हासिल हुए. बसपा को साल 2022 की अपेक्षा साल 2024 में 32 हजार 312 वोटों का नुकसान हो गया.
गंगोह विधानसभा सीट पर सपा जब आरएलडी के साथ लड़ी तो चुनाव हार गई. वहीं बीजेपी जब आरएलडी के साथ गंगोह सीट पर लड़ी तो वो भी चुनाव हार गई. गंगोह में खास पैटर्न यह देखने को मिल रहा है कि बिना आरएलडी से गठबंधन किए सपा और बीजेपी दोनों के वोट बढ़े हैं. जबकि आरएलडी से गठबंधन के बाद सपा और बीजेपी दोनों के वोट घटे हैं.
साल 2022 और साल 2024 में गंगोह विधानसभा के चुनावी आंकड़ों के विशाल विश्लेषण के बाद यह पता चलता है कि साल 2022 में मुस्लिम मतों का कुछ हिस्सा बीएसपी के पास गया था, क्योंकि बसपा का प्रत्याशी मुस्लिम था. इसीलिए साल 2022 में बसपा ने 55 हजार वोट हासिल किए. लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का गैर मुस्लिम प्रत्याशी होने की स्थिति में मुस्लिम वोट सपा की तरफ गया.
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यानी गंगोह विधानसभा सीट बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण है. इस सीट पर बीजेपी और सपा के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है. अब इस विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण को भी जान लेना जरूरी है.
गंगोह विधानसभा के जातीय समीकरण (अनुमानित)
1. मुस्लिम- 1.10 लाख
2. गुर्जर- 43 हजार
3. एससी- 42 हजार
4. सैनी- 30 हजार
5. कश्यप- 30 हजार
6. क्षत्रिय- 17 हजार
7. ब्राह्मण- 13 हजार
8. वैश्य- 10 हजार
9. जाट- 9 हजार
10. बंजारा- 8 हजार
11. पंजाबी सिख- 4 हजार
गंगोह विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा संख्या में मुस्लिम मतदाता ही हैं. लेकिन गुर्जर वोट के साथ जब पिछड़ों का अन्य वोट जुड़ता है तो मुस्लिम वोटों से ज्यादा संख्या में हो जाता है. बीजेपी के लिए गंगोह में सामान्य वर्ग के वोटों के साथ साथ गुर्जर, सैनी, कश्यप और जाट का समीकरण बहुत मजबूत माना जाता है. लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी से सैनी, कश्यप और क्षत्रिय मतदाताओं का कुछ-कुछ हिस्सा टूटकर सपा की तरफ गया. हालांकि इस समाज के अधिकांश वोट बीजेपी की तरफ ही गए थे, लेकिन सपा ने अच्छी खासी सेंधमारी की थी. यही वजह रही है कि जिस गंगोह सीट पर सपा साल 2022 में हार गई थी, उसी सीट को साल 2024 में सपा जीत गई.
साल 2027 के गंगोह विधानसभा चुनाव में भी सैनी और कश्यप मतदाता सबसे निर्णायक भूमिका में रहने वाले हैं. यही दो मतदाता सपा और बीजेपी की हार जीत तय करेंगे.























