Rajasthan: टीकाराम जूली ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा, बोले- 'राजस्थानियों पर हमला बर्दाश्त...'
Rajasthan News: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने महाराष्ट्र में भाषा विवाद के बीच राजस्थानियों से मारपीट की निंदा की है. उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई हो. इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे.

Rajasthan Latest News: महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी भाषा विवाद के बीच राजस्थान के लोगों के साथ हुई मारपीट ने तूल पकड़ लिया है. घटना को लेकर राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने महाराष्ट्र में प्रवासी राजस्थानियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भारत विविधताओं में एकता का प्रतीक है और यहां हर राज्य की अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा है. यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत. भाषा के नाम पर विवाद पैदा करना और लोगों को निशाना बनाना संविधान और देश की आत्मा के खिलाफ है.
हिंदी देश की भाषा है- टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'हिंदी भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. ऐसे में किसी राज्य में हिंदी भाषियों को अपमानित करना या मारपीट करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह एक खतरनाक सोच है, जो देश की एकता को कमजोर कर सकती है.'
टीकाराम जूली यह भी कहा कि राजस्थान के लोग देश के हर कोने में रहते हैं, काम करते हैं और विकास में योगदान देते हैं. ऐसे में उनके साथ ऐसा व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि यह पूरे राजस्थान के सम्मान पर चोट है.
'महाराष्ट्र सरकार दोषियों पर ले सख्त एक्शन'
नेता प्रतिपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे. उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाला हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है.
भाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं- टीकाराम जूली
अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "भाषा लोगों को जोड़ने का माध्यम होती है, न कि बांटने का. हमें अपनी विविधता को अपनाना होगा, यही भारत की असली पहचान है. हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है."
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