सिरोही: झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की रेड, लोगों के जीवन से कर रहे खिलवाड़
Sirohi News: सीरोही के सिवेरा गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापे में इलाज के उपकरण और बायोवेस्ट मिले. वह भाग निकला. डिप्टी CMHO ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Sirohi News: राजस्थान के सिरोही के सिवेरा गांव में 3 मार्च (सोमवार) को एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक दबिश दी गई. रेड में इलाज करने के उपकरण और बायोवेस्ट भारी मात्रा में पाए गए हैं. यह कार्रवाई सिरोही के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देश पर हुई है.
डिप्टी सीएमएचओ एसपी शर्मा के नेतृत्व में स्पेशल टीम ने पिंडवाड़ा तहसील के सिवेरा गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक को सीज किया है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गाड़ी देखकर झोलाछाप डॉक्टर मौके से भाग निकला.
क्या कहते हैं डिप्टी सीएमएचओ?
सिरोही के डिप्टी सीएमएचओ एसपी शर्मा ने बताया कि मेडिकल कि आड़ में क्लीनिक चलाने वालों और अन्य झोलाछाप डॉक्टरों पर आगामी समय प्रभावी सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी भी हालत में उन्हें नहीं बख्शा जाएगा. इसलिए एसपी शर्मा ने मेडिकल संचालकों से आग्रह किया, किसी भी हालत में झोलाछाप डॉक्टरों बैठाकर अवैध कृत्य न करें.
पढ़े लिखे मेडिकल संचालक होने के बाद भी इस तरह का कृत्य करते पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी. दबिश के दौरान झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार हो गया. शर्मा ने बताया कि पिंडवाड़ा के चिकित्सा अधिकारी को आरोपी झोलाछाप डॉक्टर और क्लीनिक संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के निर्देश दे दिए हैं.

मौके से इलाज में काम आने वाले उपकरण और अन्य सामग्री को जब्त करके थाने में सौंप दिया गया है. साथ ही क्लीनिक को भी सीज कर दिया. आगे विभागीय नियमानुसार कार्रवाई होगी. मेडिकल की जांच पड़ताल के लिए सिरोही ड्रग इंस्पेक्टर को सूचित कर दिया है.
हर गांव फर्जी झोलाछाप डॉक्टर का डेरा
सिरोही जिले में सम्भवतः हर गांव में फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों का डेरा है, जो क्षेत्र की गरीब जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ कर रहे हैं. अब नव नियुक्त सिरोही CMHO डॉ. दिनेश खराड़ी ने मामले पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है. ऐसे में अब इन फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है.
झोलाछाप डॉक्टर से न कराएं इलाज
ABP न्यूज की आमजन से अपील है कि इन फर्जी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न करवाएं, क्योंकि इनके पास कोई वैध डिग्री डिप्लोमा नहीं होता. इलाज के नाम पर भोली भाली जनता को गुमराह करके अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं. गुणवत्ता हीन हेवी डोज की दवाई देकर आमजन को मौत के आगोश में धकेलने का काम यह फर्जी झोलाछाप डॉक्टर कर रहें है. कई बार इनके इलाज से लोगों की मौत तक हुई है.
ताजा मामला सिरोही के काछोली गांव का है. आरोप है कि यहां 28 फरवरी को एक झोलाछाप डॉक्टर मंसूर अली के गलत इंजेक्शन लगाने से फुलाबाई खेड़ा निवासी आठ वर्षीय मासूम की डेथ हो गई. ऐसे में आमजन इन फर्जी डॉक्टर्स के इलाज कराने से बचें.
इनपुट: तुषार पुरोहित
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