भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर भड़के सचिन पायलट, 'अब समय आ गया है कि...'
India-Pakistan Ceasefire: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओरप से युद्धविराम की घोषणा अप्रत्याशित थी. पाकिस्तान एक विफल राज्य है, जिसे उसकी सेना और आईएसआई नियंत्रित करता है.

India-Pakistan News: भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों पर अभी भी उच्च स्तर पर स्पष्ट और सटीक सवाल नहीं उठाए गए हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को जितनी बार भी उठाया है, उन्होंने एक बार भी आतंकवादी या आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है.
सचिन पायलट ने कहा, "मुंबई, पुलवामा या पहलगाम हमलों में पाकिस्तान की संलिप्तता पर एक शब्द भी नहीं बोला, जिसका एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है. लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने बिना किसी कारण के कश्मीर मुद्दे को उजागर किया. पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करना चाहता है."
संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए- सचिन पायलट
कांग्रेस नेता ने कहा, "अब समय आ गया है कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए और पीओके को वापस लेने के 1994 के प्रस्ताव को पारित किया जाए. अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा युद्धविराम की घोषणा अप्रत्याशित थी. पाकिस्तान एक विफल राज्य है, जिसे उसकी सेना और आईएसआई की ओर से नियंत्रित किया जाता है, तो उन्होंने युद्धविराम के लिए क्या आश्वासन दिया."
#WATCH | Jaipur, Rajasthan | On US President Donald Trump's statements on the India-Pakistan understanding, Congress leader Sachin Pilot says, "Trump's repeated statements have still not been clearly and precisely questioned at a high level. No matter how many times Trump has… pic.twitter.com/9vLSvKNzmk
— ANI (@ANI) May 14, 2025
भारतीय सशस्त्र बलों ने दिखाया कि वे किसी से कम नहीं- सचिन पायलट
इससे पहले सचिन पायलट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "भारतीय सशस्त्र बलों ने फिर से दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं. हम इस बात से हैरान थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की, ऐसा पहली बार हुआ है. उस सोशल मीडिया पोस्ट में जो लिखा गया था, वह उल्लेखनीय है. यह कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का एक प्रयास है."
उन्होंने कहा था, "कांग्रेस पार्टी लंबे समय से मांग कर रही है कि एक विशेष संसद सत्र बुलाया जाए और हमें 1994 के प्रस्ताव को दोहराना चाहिए, जब सभी दलों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की और प्रस्ताव पारित किया कि पीओजेके भारत का अभिन्न अंग है और हम इसे वापस लेंगे."
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Source: IOCL
























