एक्सप्लोरर

राजस्थान में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद फॉर्म-7 को लेकर घमासान, कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग

Rajasthan News: राजस्थान में एसआईआर की समय सीमा खत्म होने के बाद फॉर्म 7 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने वोटर नाम हटाने में साजिश के आरोप लगाए और बीजेपी ने दावे खारिज किए है.

राजस्थान में एसआईआर की समय सीमा खत्म हो चुकी है. एसआईआर के आखिरी दिनों में वोटरों के नाम पर आपत्ति जताने वाले फार्मों को लेकर अब सियासी घमासान छिड़ा हुआ है. आपत्ति जताने वाले फार्म 7 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से गंभीर आरोप लगाए हैं और तमाम सवाल खड़े किए हैं.

आरोप है कि आपत्ति वाले तकरीबन सभी फॉर्म एक ही जगह तैयार किए गए, क्योंकि तमाम फार्मो के बाकी हिस्से को तो हाथ से भरा गया है, लेकिन नाम कंप्यूटर से टाइप है. कांग्रेस पार्टी अब आपत्ति वाले सभी नामों के फॉर्म सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रही है. वहीं बीजेपी कांग्रेस के आरोपों को सिरे से नकार रही है.

फॉर्म 7 को लेकर गोविंद डोटासरा ने फिर लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सनसनीखेज आरोप लगाने के बाद राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एसआईआर के आखिरी दिनों में भरे गए फॉर्म 7 को लेकर फिर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस समर्थक मुस्लिम और दलित वोटरों के नाम को टारगेट कर फॉर्म भरे गए हैं.

उनका आरोप है कि इन नामों की लिस्ट नई दिल्ली में एक एजेंसी द्वारा तैयार किए गए. इसके बाद इन्हें एक पेन ड्राइव में रखकर बीजेपी के बड़े नेता के जरिए जयपुर भेजा गया. जो फार्म बीजेपी की तरफ से भरे गए हैं, उन सभी में नाम कंप्यूटर से प्रिंट है, जबकि बाकी डिटेल्स हाथ से भरी गई है.

कांग्रेस किसी भी सही वोटर का नाम कतई कटने नहीं देगी- गोविंद सिंह डोटासरा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का आरोप है कि नाम को लेकर आपत्ति जताने वाले फॉर्म फर्जी हैं. बीएलए के नकली दस्तखत किए गए हैं. मोबाइल नंबर फर्जी दिया गया है. एक दिन में एक बीएलए द्वारा अधिकतम 10 नाम पर आपत्ति जताने के नियम का पालन नहीं किया गया है. उनके मुताबिक फार्म 7 को जमा कराने के लिए ही एसआईआर की समय सीमा को चार दिन बढ़ाया गया. उन्होंने आपत्ति वाले सभी नामों के फॉर्म सार्वजनिक किए जाने की मांग की है.

उनका कहना है कि अगर नाम हटाने में भेदभाव नहीं किया जा रहा है तो फार्मों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है. गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी किसी भी सही वोटर का नाम कतई कटने नहीं देगी. लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा.

लोगों को गुमराह कर रही कांग्रेस- मंत्री गौतम दक

हालांकि बीजेपी ने उनके आरोपों से साफ इनकार किया है. राजस्थान सरकार के मंत्री गौतम दक का कहना है कि कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है. उसके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसीलिए वह बेवजह के आरोप लगा रही है.

अगर गलत तरीके से लोगों का नाम जुड़ा हुआ है तो उस पर आपत्ति की जाएगी और साथ ही उन नामों को वोटर लिस्ट से हटवाया भी जाएगा. कहा जा सकता है कि नाम काटने के लिए भरे गए आपत्ति वाले फार्म 7 को लेकर आने वाले दिनों में सियासत और गरमा सकती हैं.

ये भी पढ़िए- मधुबनी: न्याय का अनोखा सफर, 13 सालों से कार को ही चैंबर बना काम कर रहीं ये महिला वकील

मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

राजस्थान: 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' को कैबिनेट की मंजूरी, एक साथ होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव
राजस्थान: 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' को कैबिनेट की मंजूरी, एक साथ होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव
राजस्थान में नहीं थम रहा प्रसूताओं की मौत का सिलसिला, अब जोधपुर में 2 की गई जान
राजस्थान में नहीं थम रहा प्रसूताओं की मौत का सिलसिला, अब जोधपुर में 2 की गई जान
जयपुर में नर्सिंगकर्मियों का प्रदर्शन, रोजगार की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े
जयपुर में नर्सिंगकर्मियों का प्रदर्शन, रोजगार की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े
जयपुर: चार मंजिला मकान झुका, जगह-जगह दरारें, 40 लोगों को सुरक्षित निकाला
जयपुर: चार मंजिला मकान झुका, जगह-जगह दरारें, 40 लोगों को सुरक्षित निकाला

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
Embed widget