राजस्थान में नए जिले रद्द किए जाने पर घमासान जारी, मदन दिलावर बोले- 'गोविंद सिंह डोटासरा मछली की तरह...'
Rajasthan Politics: मदन दिलावर ने कहा, 'सबसे विचार-विमर्श करने के बाद जो सलाह आई उसके आधार पर नए जिलों पर फैसला लिया गया, जो कि पूर्ण रूप से सही है. कांग्रेस यह फैसला पचा नहीं पा रही है.'

Rajasthan News: राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा नौ नए जिलों के रद्द किए जाने के बाद से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसके साथ ही राजनीतिक नेताओं के बीच वार-पलटवार का दौर भी जारी है. इस बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा उल-जलूल बयान देते रहते हैं.
उन्होंने कहा, "इनकी सरकार में जब जिले बनाने की चर्चा हुई तो अपना दिमाग नहीं लगाया, न किसी एक्सपर्ट से राय ली. केवल राजनैतिक लाभ लेने के लिए उन्होंने एक-एक विधानसभा क्षेत्र को भी जिला बना दिया."
मछली की तरह तड़प रहे डोटासरा : मदन
— Santosh kumar Pandey (@PandeyKumar313) January 2, 2025
कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर कह रहे हैं कि जैसे मछली को पानी से बाहर निकाल दीजिए वो तड़पने लगती है उसी तरह भ्रष्टाचार और लूट न कर पाने की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तड़प रहे हैं. @GovindDotasra @madandilawar pic.twitter.com/z3sN4oE5c2
वो बिन पानी की मछली की तरह तड़प रहे हैं- मदन दिलावर
मदन दिलावर ने कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा, "वो बिन पानी की मछली की तरह तड़प रहे हैं, क्योंकि उन्हें लूट घसोट का मौका नहीं मिल पा रहा है. इसलिए सरकार के विरोध में बोल रहे हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्सपर्ट से राय ली और कमेटी बनाई थी. इसके बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति भी बनाई गई."
उन्होंने कहा, "सबसे विचार-विमर्श करने के बाद जो सलाह आई उसके आधार पर नए जिलों पर फैसला लिया गया, जो कि पूर्ण रूप से सही है. कांग्रेस यह फैसला पचा नहीं पा रही है. इसलिए ज्यादा उछल-कूद कर रही है. उपचुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली है. इसलिए बेचारे उल-जलूल बयानबाजी कर रहे हैं. "
100 साल तक नहीं आएगी कांग्रेस- मदन दिलावर
शिक्षा मंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काम और फैसले लेने की स्पीड से कांग्रेस घबराई हुई है. उनको लग रहा है कि आगामी 100 साल तक तो शायद कांग्रेस वापस नहीं आ पाएगी और इसलिए जिस प्रकार से मछली को पानी से बाहर निकाल देते हैं तो वो तड़पती रहती है. उसी प्रकार से डोटासरा तड़प रहे हैं. डोटासरा तड़प रहे हैं कि कैसे माल खाएं, कैसे भ्रष्टाचार करें, कैसे लूटपाट करें. अब इनसे कुछ हो ही नहीं रहा है इसलिए बालक कि तरह मचल रहे हैं."
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Source: IOCL























