Rajasthan: स्वतंत्रता दिवस पर सिरोही में शराब की खुलेआम बिक्री, कानून की उड़ी धज्जियां
Sirohi News: सिरोही जिले में स्वतंत्रता दिवस पर ड्राई डे के बावजूद आबूरोड के सिवेरा गांव में खुलेआम शराब बिकी. शराब व्यवसायियों ने दुकानों में गुप्त खांचे बनाकर शराब बेची, जिससे कानून का उल्लंघन हुआ.

राजस्थान के सिरोही में सरकारी क़ानून कायदे रसूखात के आगे मानों नतमस्तक हो जाते है. जी हां यह हमें इसलिए कहना पड़ रहा है. क्योंकि आज 15 अगस्त है और पूरे राजस्थान प्रदेश में ड्राई डे घोषित है. ड्राई डे का मतलब होता है, वो दिन जब शराब की दुकानें बंद रहती हैं, और शराब की बिक्री प्रतिबंधित होती है.
यह दिन आमतौर पर किसी विशेष त्योहार, राष्ट्रीय अवकाश, या चुनाव के दिन होता है. आज पूरे देश में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है. और राजस्थान में ड्राई डे घोषित किया गया है. पर आलम यह है की सिरोही जिले में आबूरोड पिण्डवाड़ा तहसील के सिवेरा गांव में कानून कायदो की खुलेआम धज्जियां उडती दिखी. शराब की जमकर बिक्री हुई.
शराब व्यवसायी इस कदर बेखौफ देखे गये की उन्हें किसी भी रूप में किसी भी प्रकार की कानूनी और विधिक कार्रवाई का डर तक नहीं सताया. यानि ड्राई डे के दिन भी खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है. वहीं यह सब जिम्मेदार महकमा मूकदर्शक होकर देख रहा है. जो उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
शराब दुकान संचालकों की गजब कला, जिम्मेदार भी मेहरबान
शराब व्यवसायियों ने ड्राई डे के दिन शराब बेचने के लिए अनोखी कला का इस्तेमाल करते हुए दरवाजे के ऊपर नीचे की साइड में ही गुप्त खांचे बना दिये. इन गुप्त खांचों में होकर बाहर से सेल्समैन द्वारा आवाज लगाने के बाद शराब की बोतले बाहर आती, जैसे मानो कोई मशीन से आ रही है. जो तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है. दरअसल यह क्षेत्र में लम्बे समय से चल रहा है. उसके बाद भी पुलिस व आबकारी महकमा इसपर कोई एक्शन लेना मुनासिब नहीं समझता, जिससे सवाल उठना भी वाजिब है.
किसकी पनाह से ड्राई डे पर सिरोही जिले में बिकती है शराब
कहते है क़ानून के के हाथ लम्बे होते है, पर सिरोही में इसका विपरीत असर देखने कोई मिल रहा है. शराब व्यवसायियों की रसूखात के आगे सभी क़ानून कायदे नियम एकदम से बौने साबित हो रहें है, यानि फेल हो चुके है. इस तरह सरेआम मुख्य सड़क मार्ग पर शराब बिकने के बाद भी उन्हें किसी भी रूप में डर न होना क्या साबित करता है..? यह मंथन का विषय है, क्या जिम्मेदारों की आपसी मिलीभगत से यह सब कुछ चल रहा है? यदि नहीं तो फिर इस पर एक्शन कब होगा.
क्या कहते है अधिकारी
पूरे मामले को लेकर माउंट आबू वृत्त के डीएसपी गोमाराम चौधरी को अगवत करवाया गया. तो उनके द्वारा उचित कार्रवाई की बात कहीं गई है. अब देखने वाली महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि पुलिस इसपर क्या एक्शन लेती है. बाकी यह तस्वीर सच्चाई बयां करने के लिए जिम्मेदारों के समक्ष है.
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Source: IOCL






















