जयपुर: बॉयफ्रेंड को किया ये आखिरी मैसेज, MBA छात्रा के सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा
अहमदाबाद में इंटर्नशिप के दौरान कंपनी के मालिक से छात्रा के संबंधों को लेकर दोनों में विवाद भी हुआ था. बॉयफ्रेंड उसे कंपनी के मालिक से दूर रहने के लिए कहता था, लेकिन छात्रा उसी से दूरी बनाने लगी थी.

जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA की छात्रा के छठी मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने के मामले में नया एंगल सामने आया है. छात्रा ने खुदकुशी से ठीक पहले अपने बॉयफ्रेंड को व्हाट्सएप पर आखिरी मैसेज भेजा था. इस मैसेज में उसने बॉयफ्रेंड को बहुत अच्छा इंसान बताते हुए उसके साथ धोखा करने की बात कबूल की और बार-बार माफी मांगी. छात्रा ने लिखा कि उसकी गलती माफ करने लायक नहीं है और अगर उसे दोबारा मौका मिला तो वह कभी धोखा नहीं देगी. इस मैसेज के सामने आने के बाद छात्रा की खुदकुशी की गुत्थी और उलझ गई है.
छात्रा का बॉयफ्रेंड भी उसी यूनिवर्सिटी में MBA की पढ़ाई कर रहा था. दोनों अहमदाबाद की एक प्लेसमेंट कंपनी में इंटर्नशिप के लिए गए थे. बॉयफ्रेंड को दूसरी कंपनी मिली थी, लेकिन उसने यूनिवर्सिटी से रिक्वेस्ट कर छात्रा वाली कंपनी में ही इंटर्नशिप करने का मौका हासिल कर लिया था. जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद में इंटर्नशिप के दौरान कंपनी के मालिक से छात्रा के संबंधों को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था. बॉयफ्रेंड उसे कंपनी के मालिक से दूर रहने के लिए कहता था, लेकिन इस दौरान छात्रा उससे दूरी बनाने लगी थी.
कंपनी के मालिक पर ब्लैकमेलिंग का आरोप
इधर, छात्रा के परिवार वालों ने अहमदाबाद की ब्लू वेव लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक योगेश मोटयानी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का आरोप है कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रा के धोखे से वीडियो बनाए गए और इन्हें सार्वजनिक करने का डर दिखाकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला जाता था.
यूनिवर्सिटी भी सवालों के घेरे में
मामले में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी भी सवालों के घेरे में है. परिवार ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी ने छात्रा को गलत कंपनी में इंटर्नशिप के लिए भेजा. इसके अलावा घटना के समय छठी मंजिल की छत का दरवाजा खुला होने पर भी सवाल उठाए हैं. परिवार का कहना है कि अगर दरवाजा बंद होता तो छात्रा छत तक नहीं पहुंच पाती और उसकी जान बच सकती थी.
लापरवाही के आरोप पर यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?
हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है. यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन अश्विनी लाटर के मुताबिक छत पर लगे सोलर पैनल के आसपास सफाई के लिए मजदूरों को भेजने के चलते घटना से करीब 20 मिनट पहले दरवाजा खोला गया था. इसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है. उनका कहना है कि छात्रा ने इंटर्नशिप कंपनी को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं की थी और बॉयफ्रेंड के साथ उसके निजी विवाद की जानकारी भी यूनिवर्सिटी को नहीं थी.
कंपनी मालिक और यूनिवर्सिटी के खिलाफ केस दर्ज
छात्रा के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी मालिक और यूनिवर्सिटी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. अब सवाल यह है कि छात्रा ने आखिर खुदकुशी क्यों की? क्या वह कथित यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से परेशान थी, बॉयफ्रेंड के साथ रिश्ते में हुई घटनाओं को लेकर पछतावे में थी या फिर इस मामले में कोई और एंगल भी है? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे.
मामले की जांच जारी- पुलिस
दूसरी तरफ जयपुर पुलिस इस पूरे मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रही है. जयपुर कमिश्नरेट के साउथ जोन के डीसीपी राजर्षि राज का कहना है कि मामले में जांच जारी है. तथ्य जुटाए जा रहे हैं. लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने से पहले ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती है.
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