Apple के नाम पर जयपुर से अमेरिका में ठगी का खेल, 14 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर पुलिस ने अमेरिका में रहने वाले लोगों को ठगने वाले 14 साइबर ठगो को गिरफ्तार किया है और एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है. ये जयपुर में किराये के फ्लैट में ये कॉल सेंटर चलाते थे.

जयपुर पुलिस ने अमेरिका में रहने वाले लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है. बिंदायका थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फ्लैट में बैठकर अमेरिका के लोगों को एप्पल कंपनी के नाम पर ठगने वाले 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मौके से 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं.
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) प्रशांत किरण के मुताबिक, आरोपी जयपुर में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को एप्पल का कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी बनकर फोन करते थे. इसके लिए उन्होंने फ्लैट में ही कॉल सेंटर जैसा पूरा सेटअप बना रखा था. आरोपी लोगों को एप्पल की सर्विस और उनके डिवाइस से जुड़ी समस्या का हवाला देकर बातचीत में फंसाते थे.
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कैसे लोगों को फंसाते थे आरोपी?
आरोपी पहले अमेरिकी लोगों के मोबाइल या कंप्यूटर पर एप्पल से जुड़ा फर्जी अलर्ट या मैसेज भेजते थे. इसमें बताया जाता था कि उनके अकाउंट से एप्पल की किसी सर्विस या प्रोडक्ट के लिए सैकड़ों डॉलर का चार्ज लिया गया है. मैसेज देखकर जब कोई व्यक्ति दिए गए नंबर पर संपर्क करता था तो आरोपी खुद को एप्पल का कर्मचारी बताकर उससे बात करते थे.
इसके बाद आरोपी लोगों को डराते थे कि उनके अकाउंट से गलत ट्रांजेक्शन हुआ है या उनके डिवाइस में कोई तकनीकी परेशानी है. समस्या ठीक करने के नाम पर उन्हें अलग-अलग तरीके बताए जाते थे. इसी दौरान आरोपियों का मकसद लोगों से उनकी निजी जानकारी और पैसे हासिल करना होता था.
पुलिस ने किए 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल फोन बरामद
डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल फोन बरामद किए. इसके अलावा कॉलिंग और इंटरनेट से जुड़े कई दूसरे उपकरण भी मिले हैं. पुलिस इन सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रही है.
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक अमेरिका में कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है. साथ ही ठगी से जुड़ी रकम और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस की जांच के बाद इस फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है.
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