राजस्थान में नंदी की बढ़ती संख्या बनी परेशानी, भजनलाल सरकार अब उठा रही ये कदम
Rajasthan News: मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि सरकार ने सीमेंस तकनीक के माध्यम से गायों के प्रजनन की प्रक्रिया को अपनाना शुरू कर दिया है.

राजस्थान में सड़कों पर घूमते और लड़ते नंदी (बैल) अब केवल एक आम दृश्य नहीं, बल्कि एक गंभीर समस्या बनते जा रही है. इनसे होने वाले हादसों और जनसंपत्ति के नुकसान को देखते हुए राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार ने नंदी जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक वैज्ञानिक और अनूठा उपाय अपनाया है.
राज्य के पशुपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि सरकार ने सीमेंस तकनीक के माध्यम से गायों के प्रजनन की प्रक्रिया को अपनाना शुरू कर दिया है.
इस तकनीक की खासियत यह है कि इससे जन्म लेने वाले बच्चों में 85 से 90 प्रतिशत संभावना बछड़ी (गाय) पैदा होने की रहती है. यानी नंदी (बैल) का जन्म स्वाभाविक रूप से कम हो जाएगा.
मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, "अब बेल (नंदी) किसानों के काम नहीं आते, इसलिए लोग उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे हादसे होते हैं. इसको रोकने के लिए हमने वैज्ञानिक तरीका चुना है," वही गाय का अधिक प्रजनन होने से पशुपालकों और किसानों को आर्थिक संबल मिलता है. जिससे उनकी आजीविका चलती है.
मंत्री कुमावत ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पिछले वर्ष 1 लाख गायों में सीमेंस तकनीक से गर्भाधान करने का था और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. इसके साथ ही राज्यभर में कई नंदीशालाएं भी खोली गई हैं, फिर भी कई पशुपालक अपने नदी को सड़कों पर खुला छोड़ जाते हैं.
राजस्थान सरकार नंदी गौशालाओं के लिए 100% से अधिक अनुदान भी दे रही है ताकि गौसेवा के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके. प्रदेश में करीब 30 गौशाला में अनुदान व व्यवस्था को लेकर और अनियमितता वह घोटाले सामने आए हैं जिसकी जांच एसीबी कर रही है.
सीमेंस तकनीक क्या है
सीमेंस तकनीक यानी कृत्रिम गर्भाधान, जिसमें चुने हुए वीर्य (semen) से गायों का गर्भाधान किया जाता है. वैज्ञानिक तरीके से यह सुनिश्चित किया जाता है कि बछड़ी होने की संभावना ज्यादा हो. इससे नंदी जनसंख्या पर स्वाभाविक नियंत्रण हो सकता है.
राजस्थान सरकार की यह पहल न केवल पशुधन प्रबंधन में एक मील का पत्थर बन सकती है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जनहित के लिए भी राहत लेकर आएगी.
इसे भी पढ़ें: 'कोचिंग सेंटर अब पोचिंग सेंटर बन चुके हैं...' कोटा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















