Rajasthan: बारां में स्कूल के निमंत्रण पत्र पर लिखे उर्दू के शब्दों पर बवाल, विश्व हिंदू परिषद ने किया विरोध
Baran News: विश्व हिंदू परिषद ने उर्दू के शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विरोध जताया है. वहीं शिक्षा विभाग ने इसको लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है जो अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

Baran News: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले बारां में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के एक फैसले से बखेड़ा खड़ा हो गया है. बारां के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय शाहाबाद के प्रिंसिपल ने स्कूल के विदाई समारोह के कार्ड पर जश्न ए अलविदा लिखवा दिया, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में आक्रोश पैदा हो गया है.
बारां के शाहाबाद कस्बे के महात्मा गांधी विद्यालय के वार्षिकोत्सव के आमंत्रण पत्र पर धर्म विशेष की भाषा छापने को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने कड़ा आक्रोश जताया है. इस घटना को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जांच कमेटी गठित की गई है. समिति में शामिल तीन सदस्यीय टीम अब इस मामले की जांच करेगी. मामले ने इतना तूल पकड़ा कि विधासभा में भी इस मामले की गूंज सुनाई दी.
विश्व हिंदू परिषद ने किया विरोध
विश्व हिंदू परिषद शाहाबाद प्रखंड के राजकीय विद्यालय शाहाबाद के वार्षिक उत्सव के आमत्रण पत्र में सांप्रदायिक धर्म विशेष की भाषा को बढ़ावा देने का कृत्य विद्यालय के अध्यापकों के द्वारा किए जाने का विरोध किया गया. इसको लेकर विश्वहिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया.
दरअसल ये समारोह स्कूल में 28 फरवरी को हुआ था. इस कार्यक्रम के लिए जो निमंत्रण पत्र छापे गए उसने 'जश्न ए अलविदा' यानि क्लास बारह के छात्रों के विदाई का कार्यक्रम होना था. उर्दू भाषा में इस तरह के निमंत्रण छापे जाने का मामला उजागर होने के बाद बखेड़ा खड़ा हो गया. शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय जांच समिति ने मंगलवार (4 मार्च) को स्कूल का दौरा कर जांच पड़ताल शुरू की.
सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी लेकिन प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शिक्षा विभाग ने जो गाइड लाइन जारी की है उसमें इस तरह के निमंत्रण पत्र हिंदी और अंग्रेजी भाषा में छपवाने का प्रावधान है.
गाइडलाइन का उल्लंघन
ऐसे में उर्दू भाषा का प्रयोग किए जाने को विभाग की गाइडलाइन का उल्लंघन माना जा सकता है. स्कूल के प्रिंसिपल विकेश कुमार का कहना है कि कार्ड के छप जाने के बाद उन्हें बांटा नहीं गया था. सभी कार्ड वितरण रोक दिया गया था लेकिन कुछ बच्चों के पास कार्ड रह गए थे और उन्होंने इन कार्ड को सोश्यल मीडिया पर शेयर कर दिया.
जांच रिपोर्ट तैयार
जांच कमेटी के सदस्य और किशनगंज के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवेन्द्र सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और रिपोर्ट सरकार को दी जाएगी. रिपोर्ट के बिंदुओं का खुलासा करने से उन्होंने इनकार कर दिया.
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Source: IOCL





















