Bharatpur News: भरतपुर में कलेक्ट्रेट पर दिव्यांगो का अर्धनग्न प्रदर्शन, जानें क्या हैं मांगें?
Bharatpur News: दिव्यांगजन अपनी 11 मांगों को लेकर भरतपुर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. सरकार की अनदेखी से नाराज प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

Bharatpur Protest: राजस्थान के भरतपुर और डीग जिले के दिव्यांगजनों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया. सोमवार (3 मार्च) से दिव्यांगजन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है.
पिछली कांग्रेस सरकार ने दिव्यांग और बुजुर्ग पेंशन में हर वर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान किया था. लेकिन इस बार सरकार ने मात्र 100 रुपये की बढ़ोतरी की है. नए बजट में अन्य वर्गों के लिए घोषणाएं की गईं, लेकिन दिव्यांगों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया.
1250 रुपये में जीवन यापन संभव नहीं- जिला अध्यक्ष
दिव्यांग जन सहयोग समिति भरतपुर के जिला अध्यक्ष हर गोविंद यादव ने बताया कि महंगाई के इस दौर में 1250 रुपये में जीवन यापन संभव नहीं है. उन्होंने मांग की कि जिस तरह सरकार 'एक देश, एक चुनाव' लागू करने जा रही है, उसी तरह 'एक देश, एक पेंशन' भी लागू करे.
उन्होंने कहा कि विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों की पेंशन छह-छह महीने से रुकी हुई है. पालनहार योजना की सहायता भी लगभग एक वर्ष से बंद है. उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले दिव्यांगजनों ने भीख मांगकर विरोध जताया था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. अब वे अनिश्चितकालीन धरने पर हैं. जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो प्रदर्शन और उग्र होगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
पहले स्कूटी मिलती थी, अब नहीं मिलती- डीग जिला अध्यक्ष
दिव्यांग जन सहयोग समिति डीग के जिला अध्यक्ष संजय सिंह फौजदार ने कहा कि बजट में दिव्यांगों को कोई लाभ नहीं मिला. पहले सरकार स्कूटी उपलब्ध कराती थी, लेकिन अब वह भी बंद कर दी गई है.
उन्होंने बताया कि दिव्यांगों के लिए रोजगार के साधन भी नहीं हैं. सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में 5 प्रतिशत दिव्यांगों को आरक्षण देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया.
उन्होंने सरकार से मांग की कि पालनहार योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन समय पर मिले. उन्होंने दोहराया कि "एक देश, एक चुनाव" की तरह "एक देश, एक पेंशन" की नीति लागू की जानी चाहिए. यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
ये भी पढ़ें - कौन हैं शिवराज सिंह चौहान के समधी, जिन्होंने जमकर की केंद्रीय मंत्री की तारीफ, जोधपुर पहुंचा दोनों परिवार























