अजमेर जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद हड़कंप, परिवार ने की CBI जांच की मांग
Ajmer News In Hindi: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या को परिवार ने साजिश बताया है. परिवार और पथिक सेना ने सीबीआई जांच की मांग की है.

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल का कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. मृतक के परिवार ने इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश बताया है और सीबीआई जांच की मांग की है. परिवार का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही या मिलीभगत से यह हत्या हुई.
जगन गुर्जर तीन महीने पहले तक धौलपुर जेल में बंद थे. इसके बाद उन्हें अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया. परिवार का कहना है कि उनके छोटे बेटे पप्पू गुर्जर के जेल में होने के बावजूद जगन गुर्जर को उसके साथ नहीं रखा गया, बल्कि हत्या के आरोपी कैदी के साथ बैरक में रखा गया.
परिवार ने पहले ही जताई थी आशंका
मृतक के बेटे आसाराम गुर्जर ने बताया कि जेल बदलने के बाद परिवार ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम को पत्र लिखकर जगन गुर्जर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी. लेकिन उनकी आशंकाएं सच साबित हो गईं. आसाराम ने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच नहीं कराई गई तो अंतिम संस्कार को लेकर फैसला ले सकते हैं. साथ ही उन्होंने अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की.
पथिक सेना ने उठाए गंभीर सवाल
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महावीर पोसवाल ने हाई सिक्योरिटी जेल में इस हत्या को सरकार और जेल प्रशासन की बड़ी विफलता करार दिया. उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी की निगरानी में उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और जेल के सीसीटीवी फुटेज को परिवार व समाज के प्रतिनिधियों को दिखाने की मांग की है.
पुलिस ने अजमेर में FIR दर्ज करने को कहा
हत्या के बाद मृतक के परिजन देर रात धौलपुर के बॉडी थाने पहुंचे और तहरीर दी. पुलिस ने घटनास्थल अजमेर होने का हवाला देते हुए उन्हें अजमेर में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी. इसके बाद परिवार अजमेर पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गया है.
इस घटना ने राजस्थान की जेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाई सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा के बावजूद कुख्यात अपराधी की हत्या होना गंभीर मामला माना जा रहा है. परिवार और पथिक सेना की मांग है कि मामले को दबने नहीं दिया जाए और पूरी घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच हो.

























