नसरपुर में 4 साल की बच्ची के रेप और हत्या के दोषी को कोई पछतावा नहीं, कोर्ट ने पूछा- 'तुम्हें क्या सजा दी जाए?'
Nasrapur Case Verdict Updates: पुणे कोर्ट में स्पेशल जज एस आर सालुंखे ने बच्ची के साथ कर उसकी हत्या करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है. अभियोजन पक्ष उसे फांसी देने की मांग कर रहा.

- अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की, दोषी ने किया इनकार.
पुणे जिले के भोर तालुका के नसरपुर में महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई था. यहां एक 65 साल के आदमी ने अपने घर के सामने खेल रही चार साल की बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी थी. इस घटना से पूरे राज्य में गुस्सा है. इस मामले में आज गुरुवार (25 जून) को कोर्ट ने फैसला सुनाया है. नसरपुर रेप मामले में राज्य के न्यायिक इतिहास में सबसे तेजी से सुना जाने वाला मामला बन गया है क्योंकि घटना के केवल ढाई महीने में ही कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.
पुणे डिस्ट्रिक्ट सेशंस कोर्ट में स्पेशल जज एस आर सालुंखे ने मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है. आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में से दो धाराओं में फांसी की सजा, एक में आजीवन कारावास की सजा का और एक में 14 साल की सजा का प्रावधान है. हालांकि, अभी कोर्ट ने सजा की अवधी तय नहीं की है. दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद ही अंतिम सजा कोर्ट सुनाएगा.
आरोपी का दावा- नहीं किया कोई गलत काम
इस मामले की सुनवाई के दौरान जज ने दोषी भीमराव कांबले को कटघरे में खड़ा कर उससे उस घटना को याद करने को कहा और पूछा कि तुम बताओ अब तुम्हें क्या सजा दी जानी चाहिए? इसपर दोषी कांबले ने अपनी बनाई हुई कहानी बतानी शुरू की और दावा किया कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है. कोर्ट ने बीच में ही उसे रोक कर कहा कि अब जुर्म तो साबित हो चुका है, तो बताओ तुम्हें क्या सजा मिलनी चाहिए इसपर आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया.
दोषी को फांसी देने की मांग
इस मामले पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील ने अपनी दलीलें दीं. अभियोजन पक्ष के वकील ने कोर्ट से दोषी कांबले को फांसी देने की मांग की है और कहा कि दोषी को अपने किए का कोई अफसोस नहीं है. इसने एक मासूम के भरोसे का फायदा उठाकर जघन्य अपराध को अंजाम दिया है. वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी का परिवार भी उसके बचाव में आगे नहीं आया क्योंकि उसका आपराधिक रिकॉड रहा है.
दोषी के वकील ने क्या दलील दी?
वहीं, कांबले के वकील के कोर्ट से कहा कि घटनाक्रम में कई कड़ियां मेल नहीं खातीं. आरोपी 65 वर्षीय बुजुर्ग है और वो इस उम्र में ऐसा क्रूर अपराध कर सकता है या नहीं इसपर विचार किया जाना चाहिए. वकील ने कोर्ट से फांसी के बजाय आजीवन कारावास की सजा देने की मांग की है.
वहीं, इस मामले पर स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एडवोकेट मिलिंद पवार ने मीडिया को बताया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पूरी कार्रवाई के दौरान कांबले के अंदर चार साल की बच्ची के साथ अपने घिनौने अपराध का कोई पछतावा नहीं दिखाई दिया. उन्होंने दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 1 मई को पुणे के नसरपुर में एक 65 साल का आदमी अपने घर के सामने खेल रही एक बच्ची को गौशाला में ले गया और उसके साथ गलत काम किया. फिर उसने उसे पत्थर से कुचलकर मार डाला और फिर उसके शव को गोबर के ढेर के नीचे ढक दिया. दोपहर में बच्ची के न मिलने पर तलाश की गई तो बच्ची गौशाला में मृत मिली. इलाके के CCTV फुटेज चेक करने पर आरोपी बच्ची को गौशाला की तरफ ले जाता हुआ दिखा.
CCTV फुटेज में आरोपी बच्ची का हाथ पकड़कर गौशाला में ले जाते हुए दिखाई दे रहा है और वहां उसने बच्ची के साथ रेप किया. यह मासूम गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के पास आई हुई थी, लेकिन बच्ची के परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी के साथ ऐसा होगा. इस घटना के बाद गांव वालों में गुस्सा है और आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की जा रही है.
गांव वालों ने पहले पीटा फिर किया था पुलिस के हवाले
इस क्रर अपराध के बावजूद इस कातिल को कोई पछतावा नहीं है. गांव वालों ने पहले उसकी पिटाई की और फिर पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बावजूद कातिल ने कोर्ट में दावा किया कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है. हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इस कातिल का किया गया तीसरा अपराध है. सबूतों के अभाव में वो पहले भी दो बार बरी हो चुका है.
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