नासिक TCS केस में दूसरी चार्जशीट दाखिल, 2000 पन्नों में पुलिस ने खोले कई राज
Nashik TCS Case: यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामलों में पुलिस ने 2000 पन्नों की दूसरी चार्जशीट दाखिल की है. SIT जांच जारी है, आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है.

नासिक टीसीएस से जुड़े कथित कार्यस्थल यौन उत्पीड़न, महिलाओं की मर्यादा भंग, धर्म परिवर्तन के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने के गंभीर मामलों में नासिक सिटी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने शुक्रवार को दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दी. इस चार्जशीट में करीब 2000 पन्ने शामिल हैं, जिसे अदालत में पेश कर दिया गया है.
नासिक पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला पीड़ितों की शिकायतों पर मुंबई नाका पुलिस स्टेशन और देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था. मुंबई नाका थाने में दर्ज 8 मामलों में वर्ष 2026 के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी. इनमें यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान संबंधी गंभीर धाराएं शामिल हैं.
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आरोपियों में राजा रफीक मेमन, शाह रुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसिफ बिलाल अत्तार, शफी भिकन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और आसिफ आलम अंसारी शामिल हैं. इन सभी मामलों की 2000 पन्नों वाली चार्जशीट नासिक की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल की गई है. देवळाली कैंप थाने में दर्ज एक मामले (क्राइम नंबर 156/2026) में BNS के अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की भी धाराएं लगाई गई हैं.
सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज
इस मामले में पहले ही 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. पुलिस ने साफ किया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई है, लेकिन जांच अभी जारी है. SIT नए साक्ष्य जुटाने और पूरक चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है. इस बीच सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दी हैं.
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Source: IOCL


























